कितना गम है – डी के निवातिया

कितना गम है***दिल में दर्द उठता है,जुबाँ खामोश, आँखे नम हैमत पूछो यारो हमसे, जिंदगी में कितना गम हैकिसी का पसीना भी बहे, तो खबर बन जाता हैअपने तो खून की कीमत भी, पानी से कम है !!!डी के निवातिया

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12 Comments

  1. Bhawana Kumari 27/04/2018
    • डी. के. निवातिया 07/05/2018
  2. Bindeshwar prasad sharma 28/04/2018
    • डी. के. निवातिया 07/05/2018
  3. ANU MAHESHWARI 28/04/2018
    • डी. के. निवातिया 07/05/2018
  4. Dr Swati Gupta 28/04/2018
    • Dr Swati Gupta 28/04/2018
      • डी. के. निवातिया 07/05/2018
    • डी. के. निवातिया 07/05/2018
  5. C.M. Sharma 28/04/2018
    • डी. के. निवातिया 07/05/2018

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