साहित्य परिवार का साथ (चार,पांच)Bhawana kumari

4)माना कि संग में आपके दौड़ नही सकती आपके शब्दों को अपने शब्दों से जोड़ कर नही सकती। पूरे होगे मेरे भी सपने जो कल ही हमने संजोए थे। अगर मेरे शब्दों के motiyo par “‘शांडिले’,’अमन’,’आलोक’,मदन,’योगेश’,’सारांश’,’शालु’जी “के विश्वास का एक परचम मिल जाए। 5) माना आज मे कुछ भी नहीं न दिया किसो ने साथ हमारा। न चमका हमारे भाग्य का सितारा चाँद तारे छुने की ख्वाहिश हमने भी पाल रखी थी।पर किसी ने छीन लिया जुगनु के रोशनी से भी हक हमारा। पर “‘अरुण कुमार’,’दवेश’,’शिवदत्त’,Monoj, आनंद,जी “ओर सभी कवि जनों के हौसले लिखने की राह दिखा दे तब दूरियाँ में भी नाप लुंगी जो न जाने कब से मुझे इशारे से पुकारे।

Оформить и получить экспресс займ на карту без отказа на любые нужды в день обращения. Взять потребительский кредит онлайн на выгодных условиях в в банке. Получить кредит наличными по паспорту, без справок и поручителей

10 Comments

  1. डी. के. निवातिया 26/04/2018
    • Bhawana Kumari 27/04/2018
  2. Shishir "Madhukar" 26/04/2018
    • Bhawana Kumari 27/04/2018
  3. कृष्णा 26/04/2018
    • Bhawana Kumari 27/04/2018
  4. C.M. Sharma 27/04/2018
    • Bhawana Kumari 27/04/2018
  5. ANU MAHESHWARI 28/04/2018
    • Bhawana Kumari 01/05/2018

Leave a Reply to ANU MAHESHWARI Cancel reply