गजल

इस कदर प्यार में हम दीवाने हुएतोड़कर कर सारे रिश्ते बेगाने हुएआजकल नीद हमको नही हमसफरख्वाब के सारे महफ़िल पुराने हुए

आरजू तुम मेरी जुस्तजू तुम मेरीआशिक़ी तुम मेरी मौशिकी तुम मेरीसोचता हूँ गजल क्या लिखूं आजकलसारे अल्फाज तेरे दीवाने हुए

याद आती है तेरी वो नजदीकियांवो नजाकत भरी तेरी बारीकियांवो शरारत भरे आँखों के पैतरेढलते पल्लू से लाखों फ़साने हुए

Than

9 Comments

  1. C.M. Sharma C.M. Sharma 21/04/2018
    • कृष्णा पाण्डेय कृष्णा 24/04/2018
  2. ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 21/04/2018
    • कृष्णा पाण्डेय कृष्णा 24/04/2018
  3. Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar Prasad sharma 22/04/2018
  4. Bhawana Kumari Bhawana Kumari 22/04/2018
    • कृष्णा पाण्डेय Krishna121 24/04/2018
  5. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 23/04/2018
    • कृष्णा पाण्डेय Krishna121 24/04/2018

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