सूखे गुलाब के फूल

सूखे गुलाब के फूल याद दिला रहे हैं शायद चुभते रंगों की तकदीर खुशबू जो है नहीं मगर मंजर में बिखरी तन्हाई संग कोई तस्वीर। चंचल चन्द्र का अंग खो कर अपना हर रंग बन गया जैसे टूटा दर्पणकोयल के गीत में सरगम भी कहाँ गूँजती चाँद में देखा जो एक ग्रहण। पत्तों की झिर मीर में नहीं बरसता अब सावन सरोवर ने बूझी भूल बंजर बन चुका जो आंगन खिलते नहीं वहाँ कभी सूखे गुलाब के फूल॥…….. कमल

Оформить и получить экспресс займ на карту без отказа на любые нужды в день обращения. Взять потребительский кредит онлайн на выгодных условиях в в банке. Получить кредит наличными по паспорту, без справок и поручителей

One Response

  1. डी. के. निवातिया 28/03/2018

Leave a Reply