पिला ऐसी कि हर पैमाना मैखाना लगे

पिला ऐसी कि हर पैमाना मैखाना लगेपिला इतनी कि मैखाना इक पैमाना लगे।बैठ तेरे आगोश में ताउम्र ऐ साकीजिन्दगी हर सूरत अक्स-ए-मैखाना1 लगे।वक्त अब क्यूँ इस तरह खुद-इंतशारी2 का होदर्द हो भी तो गमे-दिल3 का दीवाना लगे।सिर्फ छूकर ही जाम तिरा नशा आने लगाहरेक बूँद अब इक छलकता पैमाना लगे।मुश्किल अब मैखाने से उठ घर जाना लगेमैकदे की दर भी दीवारे-मैखाना लगे।इस कदर पिला कि हमें जमाना मदहोश कहेऔर हमें भी मदहोश सारा जमाना लगे।तिरी दहलीज पर जब भी आऊँ तो, ए खुदामुझे ये कायनात भी एक मैखाना लगे।….. भूपेन्द्र कुमार दवे000001.मैखाने की परछाई, 2.खुद का बिखराव, 3.दिल के दुख,

Оформить и получить экспресс займ на карту без отказа на любые нужды в день обращения. Взять потребительский кредит онлайн на выгодных условиях в в банке. Получить кредит наличными по паспорту, без справок и поручителей

6 Comments

  1. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 31/03/2018
    • bhupendradave 31/03/2018
  2. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 31/03/2018
    • bhupendradave 31/03/2018
  3. Madhu tiwari Madhu tiwari 01/04/2018
    • bhupendradave 01/04/2018

Leave a Reply