किस को गैर कहदे हम और किसको मान ले अपना

दुनिया में जिधर देखो हजारो रास्ते दीखतेमंजिल जिनसे मिल जाए बह रास्ते नहीं मिलतेकिस को गैर कहदे हम और किसको मान ले अपनामिलते हाथ सबसे हैं दिल से दिल नहीं मिलतेकरी थी प्यार की बाते कभी हमने भी फूलो सेशिकायत सबको उनसे है क़ी उनके लब नहीं हिलतेज़माने की हकीकत को समझ जाओ तो अच्छा हैख्बाबो में भी टूटे दिल सीने पर नहीं सिलतेकहने को तो ख्बाबो में हम उनके साथ रहते हैंमुश्किल अपनी ये है कि हकीक़त में नहीं मिलतेकिस को गैर कहदे हम और किसको मान ले अपनामदन मोहन सक्सेना

Оформить и получить экспресс займ на карту без отказа на любые нужды в день обращения. Взять потребительский кредит онлайн на выгодных условиях в в банке. Получить кредит наличными по паспорту, без справок и поручителей

6 Comments

  1. Madhu tiwari 23/03/2018
  2. Bhawana Kumari 23/03/2018
  3. sukhmangal singh 24/03/2018
  4. Bindeshwar prasad sharma 24/03/2018
  5. chandramohan kisku 24/03/2018
  6. mukta 25/03/2018

Leave a Reply