इस आँधी को मेरा आखरी सलाम भेज दे

इस आँधी को मेरा आखरी सलाम भेज देमेरी किस्मत की कतरनें भी तमाम भेज दे।ए डूबते सूरज, बस इक मेहरबानी कर जाअपनी तपस बटोरकर सुलगती शाम भेज दे।ना पानी है, ना शराब का इक कतरा बचा हैतू अपने लबों से चूमकर इक जाम भेज दे।कच्ची गागर है, मालूम है, फूट जावेगीबस आखरी दरार का लिखा पैगाम भेज दे।मैं कब से आँख मूँदे यूँ बेजान पड़ा हूँअब ख्वाब में साकी दरका एक जाम भेज दे।अब की हवा का झोंका पतझर ही लावेगाहर जर्जर पत्ते पे लिख मेरा नाम भेज दे।मेरी हस्ती का हिसाब वो करने बैठा हैमेरी गल्तियों का चिठ्ठा गुमनाम भेज दे।… भूपेन्द्र कुमार दवे00000

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14 Comments

  1. Shishir "Madhukar" 23/03/2018
    • bhupendradave 24/03/2018
  2. Madhu tiwari 23/03/2018
    • bhupendradave 24/03/2018
  3. Bhawana Kumari 23/03/2018
    • bhupendradave 24/03/2018
    • bhupendradave 24/03/2018
  4. डी. के. निवातिया 24/03/2018
    • bhupendradave 24/03/2018
  5. Bindeshwar prasad sharma 24/03/2018
    • bhupendradave 24/03/2018
  6. C.M. Sharma 25/03/2018
  7. C.M. Sharma 25/03/2018
    • bhupendradave 31/03/2018

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