अभी पलकों में हसीन सपने सजने दो

अभी पलकों में हसीन सपने सजने दोकभी आगे इन्हें हकीकत भी बनने दो।तमाम रात मैकदों को खुला रहने दोतमाम उम्र यूँ ही बस मदहोश रहने दो।ये बहार आके चली भी जावे तो क्यामौसमे-मैकदा साकी, बने रहने दो।भूख मिट जावेगी जरा इंतजार करोउसे बासी रोटी तो इधर फैंकने दो।संभलकर चलना भी मैं सीख जाऊँगाअभी गिर-उठने का मजा जरा चखने दो।दिल को मायूस कर देनेवाली यादेंतुम भूले सभी, कुछ मुझे भी भूलने दो।कफस में वो परकटा पंछी कैद ना रखउसे आजाद होकर बाहर तड़पने दो।तोड़ मत वो फूल वह अब भी महकता हैअभी कुछ देर उसे भी खूब महकने दो।फफोलों की फिकर यहाँ कौन करता हैचल पड़ा है वो मदहोश, उसे चलने दो।ये रास्ता तो मेरी मजार ढूँढ़ता हैचलो, इक मैकदा-सा इधर भी खुलने दो।…. भूपेंद्र कुमार दवे00000

Оформить и получить экспресс займ на карту без отказа на любые нужды в день обращения. Взять потребительский кредит онлайн на выгодных условиях в в банке. Получить кредит наличными по паспорту, без справок и поручителей

8 Comments

  1. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 21/03/2018
    • bhupendradave 21/03/2018
  2. Madhu tiwari Madhu tiwari 21/03/2018
    • bhupendradave 21/03/2018
  3. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 21/03/2018
    • bhupendradave 21/03/2018
  4. Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar prasad sharma 22/03/2018
  5. C.M. Sharma C.M. Sharma 23/03/2018

Leave a Reply