यूँ ही तुम चुप रहते हो बात करो तो अच्छा लगे

यूँ ही तुम चुप रहते हो बात करो तो अच्छा लगेमंदिर से बाहर आकर साथ चलो तो अच्छा लगे।पत्थर की मूरत हो तराशी मुस्कान से सजे होअसली मुस्कानों से कभी निहारो तो अच्छा लगे।माना कि बहुत पाप किये होंगे अनजाने में मगरकुछ मेरे पुण्य का भी हिसाब रखो तो अच्छा लगे।हिम्मत से जूझता रहा हूँ तूफान की लहरों सेअब मेरी किश्ती तुम्हीं बचा सको तो अच्छा लगे।यूँ रह रह कर खींच तलवार मुझे डराया ना करोइक बार कातिल की तरह वार करो तो अच्छा लगे।तुमको गरीबों का मसीहा मैं भी कहता रहा हूँमेरी इस झोपड़ी में भी साथ रहो तो अच्छा लगे।इस बीमार को तुम दुआ दवा कुछ भी ना दो लेकिनकुछ देर तुम पास आकर बात करो तो अच्छा लगे।वीराने में खिला फूल था मैं अब मुरझा चुका हूँतुम्हीं अपने हाथों से यह तोड़ो तो अच्छा लगे।…. भूपेन्द्र कुमार दवे00000

Оформить и получить экспресс займ на карту без отказа на любые нужды в день обращения. Взять потребительский кредит онлайн на выгодных условиях в в банке. Получить кредит наличными по паспорту, без справок и поручителей

4 Comments

  1. Kiran kapur Gulati 13/03/2018
  2. arun kumar jha 14/03/2018
  3. C.M. Sharma 14/03/2018
    • bhupendradave 15/03/2018

Leave a Reply