ख्वाब

अपने ख्वाबों की जो खुश्बु से बिछड जातें हैं,लोग वही दुनियां में तन्हा रह जातें हैं,हम चले भी तो ख्वाब लिए आंखों में,या ख्वाब ही हमें राहों में लिए जातें हैं,ख्वाबों की तामीर में हम उठ के गिरे,गिर के उठे और फिर चले जातें हैं,कुछ ख्वाब लातें हैं खुशी के मंजर योगी,कुछ आतें हैं तो रूलाके गुजर जातें हैं,

Оформить и получить экспресс займ на карту без отказа на любые нужды в день обращения. Взять потребительский кредит онлайн на выгодных условиях в в банке. Получить кредит наличными по паспорту, без справок и поручителей

6 Comments

  1. sukhmangal singh 04/03/2018
    • Yogesh 04/03/2018
  2. Bhawana Kumari 04/03/2018
    • yogesh sharma 05/03/2018
  3. C.M. Sharma 10/03/2018
    • Yogesh 13/03/2018

Leave a Reply