दोस्ती

दोस्ती में झगडे का ये अफसाना क्या है,नही समझता है जब कोई तो फिर समझाना क्या है,कहतें हैं धागा टूटे तो गांठ पड जाती है,यही सोच लिया तो उलझे धागों का सुलझाना क्या है,कहते थे दोस्ती के नाम जान हाजिर है,भूल गए जब कसमें तो फिर कसमें खाना क्या है,भूल गए वो देर रात तक मयकदे में मय पीना,जहां दरिया कम पडता था तो फिर पैमाना क्या है,कहता है योगी यारो फिर से गले मिलो,जो हो गया सो बीता उसको दोहराना क्या है,

Оформить и получить экспресс займ на карту без отказа на любые нужды в день обращения. Взять потребительский кредит онлайн на выгодных условиях в в банке. Получить кредит наличными по паспорту, без справок и поручителей

12 Comments

  1. Bindeshwar Prasad sharma 24/02/2018
    • yogesh sharma 26/02/2018
  2. Madhu tiwari 24/02/2018
    • yogesh sharma 26/02/2018
  3. Shishir "Madhukar" 25/02/2018
    • yogesh sharma 26/02/2018
  4. C.M. Sharma 26/02/2018
  5. yogesh sharma 26/02/2018
  6. Kajalsoni 27/02/2018
    • yogesh sharma 05/03/2018
  7. Kajalsoni 27/02/2018
    • yogesh sharma 05/03/2018

Leave a Reply to Shishir "Madhukar" Cancel reply