दोस्ती

दोस्ती में झगडे का ये अफसाना क्या है,नही समझता है जब कोई तो फिर समझाना क्या है,कहतें हैं धागा टूटे तो गांठ पड जाती है,यही सोच लिया तो उलझे धागों का सुलझाना क्या है,कहते थे दोस्ती के नाम जान हाजिर है,भूल गए जब कसमें तो फिर कसमें खाना क्या है,भूल गए वो देर रात तक मयकदे में मय पीना,जहां दरिया कम पडता था तो फिर पैमाना क्या है,कहता है योगी यारो फिर से गले मिलो,जो हो गया सो बीता उसको दोहराना क्या है,

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  1. Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar Prasad sharma 24/02/2018
    • yogesh sharma yogesh sharma 26/02/2018
  2. Madhu tiwari Madhu tiwari 24/02/2018
    • yogesh sharma yogesh sharma 26/02/2018
  3. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 25/02/2018
    • yogesh sharma yogesh sharma 26/02/2018
  4. C.M. Sharma C.M. Sharma 26/02/2018
  5. yogesh sharma yogesh sharma 26/02/2018
  6. Kajalsoni 27/02/2018
    • yogesh sharma yogesh sharma 05/03/2018
  7. Kajalsoni 27/02/2018
    • yogesh sharma yogesh sharma 05/03/2018

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