तुमसे बिछड़ के…सी. एम्. शर्मा (बब्बू)…

तुमसे बिछड़ के मुझ को सब वो यार पुराने याद आये…हर बात पुरानी याद आयी वो दिन सुहाने याद आये…जब देखूं हंसों के जोड़े मेरी सब यादें बोलें…आँख मिली कब दिल धड़का मिलने के बहाने याद आये…ख़्वाब सुनहरे रात चाँदनी ओ भावों का वो झुरमुट…तन्हाईओं में साथ तेरे वो वादे निभाने याद आये…कालिज की कैंटीन पार्क जिसमें दिन गुजरे थे अपने…चाय संग तुझको मेरे वो गीत सुनाने याद आये…तेरी वो मदहोश निगाहें ओ ज़ुल्फ़ों के घने साये…’चन्दर’ की तुम ग़ज़ल हो तुमपे शेर बनाने याद आये…\/सी. एम्. शर्मा (बब्बू)

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16 Comments

  1. Madhu tiwari 08/02/2018
    • C.M. Sharma 12/02/2018
  2. Bindeshwar Prasad sharmaकक 08/02/2018
    • C.M. Sharma 12/02/2018
  3. Dknivatiya 08/02/2018
    • C.M. Sharma 12/02/2018
  4. Shishir "Madhukar" 09/02/2018
    • C.M. Sharma 12/02/2018
  5. Bhawana Kumari 09/02/2018
    • C.M. Sharma 12/02/2018
  6. Kajalsoni 09/02/2018
    • C.M. Sharma 12/02/2018
  7. ANU MAHESHWARI 12/02/2018
    • C.M. Sharma 12/02/2018
  8. chandramohan kisku 23/03/2018
    • C.M. Sharma 24/04/2018

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