उसकी यादों का दिया अपने दिल में यार जलता है

मुसीबत यार अच्छी है पता तो यार चलता है कैसे कौन कब कितना, रंग अपना बदलता है किसकी कुर्बानी को किसने याद रक्खा है दुनिया में जलता तेल और बाती है कहते दीपक जलता है मुहब्बत को बयाँ करना किसके यार बश में है उसकी यादों का दिया अपने दिल में यार जलता है बैसे जीवन के सफर में तो कितने लोग मिलते हैं किसी चेहरे पे अपना दिल अभी भी तो मचलता हैसमय के साथ बहने का मजा कुछ और है यारों रिश्तें भी बदल जाते समय जब भी बदलता है मुसीबत यार अच्छी है पता तो यार चलता है कैसे कौन कब कितना, रंग अपना बदलता हैउसकी यादों का दिया अपने दिल में यार जलता है मदन मोहन सक्सेना

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6 Comments

  1. Bhawana Kumari 25/01/2018
  2. Bindeshwar Prasad sharma 26/01/2018
  3. Shishir "Madhukar" 26/01/2018
  4. Anu Maheshwari 26/01/2018
  5. Ram Gopal Sankhla 27/01/2018
  6. Kajalsoni 27/01/2018

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