|| नववर्ष की सौगात ||

कुछ विद्धजनों का कहना है, आगामी वर्ष जीवन को एक वर्ष करता है कम |किन्तु सत्य यह है कि , अनुभव की आयु बढ़ती रहती है हरदम || 1 ||विगत वर्ष देता नव अनुभव, मानव को देता नव ज्ञान |नव अनुभवों की सरिता में लगा के गोते, मानव पाता नूतन ज्ञान || 2 ||माना एक वर्ष हुआ है कम, पर हम क्यों देखें जो हमने खोया |क्यों न देखें वह पहलू, अनुभव से जो हमने पिरोया || 3 ||केवल पुस्तक से प्राप्त ज्ञान ही, ना कर सकता मानव को परिपक्व |अनुभव का जब तक ना हो मिश्रण, मानव होता है अपरिपक्व || 4 ||बड़ों के सम्मान का कारण, होता उनका विस्तृत अनुभव |उनके अनुभव के मोती, देते हमें नूतन वैभव || 5 ||नववर्ष के आगमन पर बन्धु, हम कुछ भी ना खोते हैं |अनुभव की सीढ़ी पर रख पर पाँव, परिपक्वता को प्राप्त होते हैं || 6 ||भविष्य की उज्ज्वल आशाएं, जीवन को देतीं नव उत्साह |आगामी वर्ष होगा उत्तम, जीवन को देगा नूतन राह || 7 ||जो हम ना कर सके प्राप्त, विगत वर्ष की अवधि के मध्य |आगामी वर्ष हमें वह देगा, जो होगा सब भांति अग्य || 8 ||नूतन आशाएं देती हैं, मानव को इक आत्मबल |इनका होना अति आवश्यक है, ये देती हैं नव सम्बल || 9 ||विदाई आगमन क्रम जीवन का, कोई इससे बचा नहीं |विश्व के अंतिम क्षण तक चले निरंतर, इसमें कुछ भी नया नहीं || 10 ||जाते वर्ष की करो विदाई, आते वर्ष को करो आलिंगन |गत वर्ष दे गया नव अनुभव, जिसका करो नूतन मंथन || 11 || अखिलेश प्रकाश श्रीवास्तव

Оформить и получить экспресс займ на карту без отказа на любые нужды в день обращения. Взять потребительский кредит онлайн на выгодных условиях в в банке. Получить кредит наличными по паспорту, без справок и поручителей

9 Comments

  1. C.M. Sharma 01/01/2018
  2. Bhawana Kumari 01/01/2018
  3. अखिलेश प्रकाश श्रीवास्तव 01/01/2018
  4. Kajalsoni 01/01/2018
  5. Shishir "Madhukar" 02/01/2018
  6. Bindeshwar prasad sharma 02/01/2018
  7. डी. के. निवातिया 02/01/2018

Leave a Reply