आबरू कैद है — डी के निवातिया

आबरू कैद है

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आबरू कैद है हवा के झोंको में उसे बंद ही रहने दोहो न जाए सरेआम,खुशबू तंग है, तंग ही रहने दोबिसात न पूछो आज, कौन रंक है कौन राजा हुआगफलत में चलती जिंदगानी,दंग है दंग ही रहने दो !!

***डी के निवातिया

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26 Comments

  1. Shishir "Madhukar" 19/12/2017
    • डी. के. निवातिया 26/12/2017
  2. C.M. Sharma 20/12/2017
    • डी. के. निवातिया 26/12/2017
  3. Rajeev Gupta 20/12/2017
    • डी. के. निवातिया 26/12/2017
  4. ANU MAHESHWARI 20/12/2017
    • डी. के. निवातिया 26/12/2017
    • डी. के. निवातिया 26/12/2017
  5. अरुण कान्त शुक्ला 20/12/2017
    • डी. के. निवातिया 26/12/2017
  6. Bhawana Kumari 20/12/2017
    • डी. के. निवातिया 26/12/2017
  7. अरुण कुमार तिवारी 21/12/2017
    • डी. के. निवातिया 26/12/2017
    • डी. के. निवातिया 26/12/2017
  8. Kajalsoni 21/12/2017
    • डी. के. निवातिया 26/12/2017
  9. md. juber husain 22/12/2017
    • डी. के. निवातिया 26/12/2017
  10. Ricky 05/01/2018
    • डी. के. निवातिया 05/01/2018
  11. सीमा वर्मा 05/01/2018
    • डी. के. निवातिया 05/01/2018

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