महबूब को मुबारक

हे प्रिये ! जान ! महबूब हमारेदिन में फूल , रात में तारेमहके , चमके , तुमसे ये सबचाँद भी तरसे , दीदार को तुम्हारे

चांदनी सा बदन , झूमता हर कदममुस्कराहट प्यार की , दिखे बस हरदमहोठों पे न नमीं , प्यार में हो न कमींप्यार ही प्यार हो , चहु ओर हर जनम

माँगों तुम जो कभी , पूरा हो वो सभीप्यार की पालकी में , पलती तुम रहोरिश्तों में जो है प्यार , पड़े न उनमे दरारहँसती झूमती बस , ज़िन्दगी में तुम रहो

सब कुछ ही सुखमय हो तुमको , कुछ भी न हानिकारक होजीवन भर प्यार मिले तुमको , हर कोई तुम्हारा सहायक होहर घड़ी सुहानी बीते और , हर लम्हा रंगीन हो जायेहर दुआ तुम्हारे साथ है मेरी , ये जन्मदिन तुम्हे मुबारक हो

 कवि – मनुराज वार्ष्णेय 

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3 Comments

  1. C.M. Sharma 18/12/2017
  2. डी. के. निवातिया 18/12/2017
  3. Bindeshwar Prasad sharma 18/12/2017

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