शाम का मंजर…

*शाम का मंजर है ये गुलजार होना चाहिए…*इस जहाँ में नेह का विस्तार होना चाहिए।आदमी को आदमी से प्यार होना चाहिए।हो सुकूँ इतना बसर हो उम्र अमनो चैन से,स्वर्ग से सुंदर तेरा घर-बार होना चाहिए।लाख मुश्किल हो रहें गर्दिश में तारे भी अगर,सच हमेशा ही हमें स्वीकार होना चाहिए।नेक हो नीयत करें खिदमत सभी किरदार की,शौक से इस चीज का व्यापार होना चाहिए।मैं फरेबी हूँ लगाओ लाख इल्ज़ामात तुम,माजरा कुछ भी रहे आधार होना चाहिए।ज़िन्दगी की क्या ख़बर कब अलविदा कह दे’अरुण’आदमी को हर घड़ी तैयार होना चाहिए।सिलसिला चलता रहे कुछ तुम कहो कुछ मैं कहूँ,शाम का मंजर है ये गुलजार होना चाहिए। -‘अरुण’

Оформить и получить экспресс займ на карту без отказа на любые нужды в день обращения. Взять потребительский кредит онлайн на выгодных условиях в в банке. Получить кредит наличными по паспорту, без справок и поручителей

17 Comments

  1. Madhu tiwari Madhu tiwari 17/12/2017
    • अरुण कुमार तिवारी अरुण कुमार तिवारी 18/12/2017
  2. अरुण कुमार तिवारी अरुण कुमार तिवारी 17/12/2017
  3. Arun Kant Shukla अरुण कान्त शुक्ला 17/12/2017
    • अरुण कुमार तिवारी अरुण कुमार तिवारी 18/12/2017
  4. Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar Prasad sharma 18/12/2017
    • अरुण कुमार तिवारी अरुण कुमार तिवारी 18/12/2017
  5. C.M. Sharma C.M. Sharma 18/12/2017
    • अरुण कुमार तिवारी अरुण कुमार तिवारी 18/12/2017
  6. ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 18/12/2017
    • अरुण कुमार तिवारी अरुण कुमार तिवारी 18/12/2017
  7. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 18/12/2017
    • अरुण कुमार तिवारी अरुण कुमार तिवारी 18/12/2017
    • अरुण कुमार तिवारी अरुण कुमार तिवारी 18/12/2017
  8. अरुण कुमार तिवारी अरुण कुमार तिवारी 18/12/2017
  9. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 19/12/2017
    • अरुण कुमार तिवारी अरुण कुमार तिवारी 21/12/2017

Leave a Reply