==* मेरी आरजू *==

स्वच्छंद फिजाओं में खिलखिलाती हंसी होमानलो जिंदगी चाँद तारों में जा बसी हो

दरबदर भटकती कहानियाँ अब कहा रहीहो नया सवेरा, नई उड़ान न कोई बेबसी हो

एक पहल हो शुरू नये उजालों की ओरवादियाँ ख़ुशनुमा जमीं पर हरियाली हो

ना हो कोई जातिभेद नाही कोई राजनीतिअपनेपन का जहां एक प्यारा सा समां हो

न ख़याल हो बुरे न परेशानी की लकीरेंअपनेपन की जमीं प्यार का आसमां हो—————–//**–शशिकांत शांडिले, नागपुरभ्र.९९७५९९५४५०

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10 Comments

  1. ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 15/12/2017
  2. C.M. Sharma C.M. Sharma 16/12/2017
  3. Bhawana Kumari Bhawana Kumari 16/12/2017
  4. Arun Kant Shukla अरुण कान्त शुक्ला 16/12/2017
  5. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 16/12/2017

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