मैंने जाकर पूछा पंडित से

मैंने जाकर पूछा पंडित से दुःख दर्द कितने शेष रह जायेंगेएक भी गृह शेष बचेगा या सब मुझसे टकराएंगेकोई सरल सा उपाय बताकर मेरे दुःख दर्दों को दूर करोंवर्ना जल्द ही दिन आएगा जब आप मेरे जनाजे में जायेंगेबातें सुन सुुुन के मेरी पंडित लगा जोर से हँसनेऔर बोला अति मंद गति सेतुम्हारी हालत का उपाय तुम ही हो हम क्या तुम्हे बतायेंगेजाकर मेहबूबा से इजहार कर दो अब वो ही तुम्हे बचाएंगे कवि – मनुराज वार्ष्णेय

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8 Comments

  1. Madhu tiwari Madhu tiwari 10/12/2017
  2. डी. के. निवातिया Dknivatiya 10/12/2017
  3. C.M. Sharma C.M. Sharma 11/12/2017
  4. Arun Kant Shukla अरुण कान्त शुक्ला 11/12/2017

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