वो केवल मुस्कुराते हैं-शिशिर मधुकर

मुहब्बत करके जो मझधार में संग छोड़ जाते हैं लाख चाहा किया भूलें वो फिर भी याद आते हैं अगर बनता है हर इंसान केवल एक मिट्टी से कहो जज़्बात अपने दिल के वो कैसे छुपाते हैं हरे हैं घाव सीने के मगर उनकी ये फितरत है भूल के सारी पीड़ा को वो केवल मुस्कुराते हैं भले ही सामने सबके मैं पत्थर सा कहूँ खुद को मगर तन्हाई के आलम तो मुझको भी रुलाते हैं मुहब्बत जो भी करते हैं भुला सब कुछ यहाँ मधुकर बुरे हालात में भी साथ वो हर पल निभाते हैं शिशिर मधुकर

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16 Comments

  1. sanjana rawat 07/12/2017
    • Shishir "Madhukar" 07/12/2017
  2. Madhu tiwari 07/12/2017
    • Shishir "Madhukar" 07/12/2017
  3. C.M. Sharma 08/12/2017
  4. Shishir "Madhukar" 08/12/2017
  5. डी. के. निवातिया 08/12/2017
    • Shishir "Madhukar" 08/12/2017
  6. अरुण कान्त शुक्ला 08/12/2017
    • Shishir "Madhukar" 08/12/2017
  7. Anu Maheshwari 08/12/2017
    • Shishir "Madhukar" 08/12/2017
  8. Bindeshwar Prasad sharma 08/12/2017
    • Shishir "Madhukar" 08/12/2017
  9. Vikram jajbaati 11/12/2017
  10. Shishir "Madhukar" 12/12/2017

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