मजहबी दीमक

इरादे नेक हों गर तो असर काफिरों की नमाज में भी होता हैचाहे आयतें तुम उस खुदा की इबादत में पढ़ लोया लाख टोटके तुम उसकी चापलूसी की आड़ में कर लोजहाँ रोटियाँ मजहबी चूल्हे पे सेंकी जाती होवो शहर सिर्फ सियासतदारों के मंसूबों में आबाद होता है।। 

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6 Comments

  1. Arun Kant Shukla 23/11/2017
  2. Bindeshwar Prasad sharma 24/11/2017
  3. C.M. Sharma 25/11/2017
  4. Shishir "Madhukar" 25/11/2017
  5. डी. के. निवातिया 27/11/2017
  6. Ram Gopal Sankhla 29/11/2017

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