वक़्त ने साथ क्या छोड़ा

वक़्त का बहाना बना करजो खींच दी तुमने लकीरजो बना ली दूरियाँमैं सब समझता हूँ साजिश तेरीएक पल ऐसा भी थाजब तुमने खुद बाँधी थीमेरी कलाई पर घडीमेरे वक़्त ने मुझसे बेवफाई क्या कीतुमने तो किनारा कर लियातुमने क्यों फाड़ दिया मेरा वो आखरी ख़तजज्बातो के संग कुछ दर्द क्या बयां कियातुम तो नजरे चुराने लगीमाना की तुम्हारी दी गयी घड़ी नेमेरा समय बर्बाद कर दियापर उसी घड़ी ने हमें मिलाया भी थामेरे देर से आने पर ही तुमने दी थी वो घड़ीअब तुम तो नहीं रही मेरी ज़िन्दगी मेंपर तुम्हारी याद दिलाती हैतुम्हारी दी हुई घडी— अभिषेक राजहंस

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8 Comments

  1. SARVESH KUMAR MARUT 10/11/2017
  2. Madhu tiwari 10/11/2017
  3. ANU MAHESHWARI 10/11/2017
  4. Bindeshwar Prasad sharma 11/11/2017
  5. Shishir "Madhukar" 11/11/2017
  6. अरुण कान्त शुक्ला 11/11/2017
  7. C.M. Sharma 13/11/2017
  8. डी. के. निवातिया 13/11/2017

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