प्रेम नगरी

 

बीती रात हुआ सवेरा प्यार की आहें और भरीडग मग डग मग डरे पाव से पहुँच गया मैं प्रेम नगरीउसकी सूरत ही सब कुछ देख जिसे मैं चहक उठामौन हो गया देख उसे और मेरी नजरे भी ठहरी

 कवि – मनुराज वार्ष्णेय

Оформить и получить экспресс займ на карту без отказа на любые нужды в день обращения. Взять потребительский кредит онлайн на выгодных условиях в в банке. Получить кредит наличными по паспорту, без справок и поручителей

8 Comments

  1. C.M. Sharma C.M. Sharma 30/10/2017
  2. Ram Gopal Sankhla Ram Gopal Sankhla 30/10/2017
  3. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 30/10/2017
  4. kiran kapur gulati Kiran kapur Gulati 31/10/2017

Leave a Reply