खो रहे संस्कार – अनु महेश्वरी

आधी अधूरी अंग्रेजी बोल, ज्ञानी खुद को है माने,राम को कहे है देखो रामा,और वेद को कहे है वेदा|अपने गलतियों से मुँह मोड़, ज़माने में ढूंढे है ऐब,हवाएँ तो बहती अब भी वही,खोट आगई है नियत में ही|न जाने किस राह पर, चल पड़े है सब,भूल, अपनी संस्कृति और संस्कृत,अब तो खो रहे संस्कार भी| अनु महेश्वरीचेन्नई

Оформить и получить экспресс займ на карту без отказа на любые нужды в день обращения. Взять потребительский кредит онлайн на выгодных условиях в в банке. Получить кредит наличными по паспорту, без справок и поручителей

14 Comments

  1. Shishir "Madhukar" 27/10/2017
    • Anu Maheshwari 28/10/2017
  2. Madhu tiwari 27/10/2017
    • Anu Maheshwari 28/10/2017
  3. C.M. Sharma 27/10/2017
    • Anu Maheshwari 28/10/2017
  4. Ram Gopal Sankhla 27/10/2017
    • Anu Maheshwari 28/10/2017
  5. अरुण कान्त शुक्ला 27/10/2017
    • Anu Maheshwari 28/10/2017
  6. डी. के. निवातिया 27/10/2017
    • Anu Maheshwari 28/10/2017
  7. kiran kapur gulati 28/10/2017
    • Anu Maheshwari 28/10/2017

Leave a Reply