मैं लौट आऊँगा

शीर्षक –मैं लौट आऊँगामैं रेत पे खींची लकीर नहींजो मिट जाऊँगामैं अतीत का वो हिस्सा नहींजो दोहराया ना जाऊँगा मै तुम्हारे आँखों का आँसू नहींजो बह जाऊँगामेरे बिछड़ जाने का तुम मलाल मत करनामिलने की शर्त पेमैं लौट आऊंगारात ढले तुम सजना ,सवरना मेरा इंतज़ार करनामैं सुबह बन के गया था जरुरसांझे ढले आ जाऊँगामैं लौट आऊँगामाथे पे बिंदी लगा लेनाकानो को कर्णफूल से सजा देनाअपनी चूड़ियाँ खनका देनाजिस्म को इत्र से महका लेनामैं तेरा मांग भरनेसिन्दूर बनके आऊँगामैं लौट आऊँगा—अभिषेक राजहंस

Оформить и получить экспресс займ на карту без отказа на любые нужды в день обращения. Взять потребительский кредит онлайн на выгодных условиях в в банке. Получить кредит наличными по паспорту, без справок и поручителей

2 Comments

  1. kiran kapur gulati kiran kapur gulati 20/10/2017
  2. Madhu tiwari Madhu tiwari 21/10/2017

Leave a Reply