गर्म लावा जो बहता है- शिशिर मधुकर

तेरे दीदार को दिल हर घड़ी बेताब रहता है तू खुश रहे हरदम खुदा से बस ये कहता हैसंग तन्हाई के जीना कभी आसां नहीं होता पीड़ा बिछड़ने की ये मनवा फिर भी सहता हैभले ही आग सीने की बाहर ना चमकती होसभी कुछ लील जाता है गर्म लावा जो बहता हैएक घर बनाया था मैंने शिद्दत से सोच करमेरी आँखों के सामने ही वो तूफां में ढहता हैअच्छे दिन फिर से आएंगे इसी उम्मीद में मधुकर हर एक इंसा बस यहाँ तकलीफ सहता है शिशिर मधुकर

Оформить и получить экспресс займ на карту без отказа на любые нужды в день обращения. Взять потребительский кредит онлайн на выгодных условиях в в банке. Получить кредит наличными по паспорту, без справок и поручителей

12 Comments

  1. Madhu tiwari 10/10/2017
    • Shishir "Madhukar" 10/10/2017
  2. ANU MAHESHWARI 10/10/2017
    • Shishir "Madhukar" 10/10/2017
  3. sarvajit singh 10/10/2017
    • Shishir "Madhukar" 11/10/2017
  4. kiran kapur gulati 11/10/2017
    • Shishir "Madhukar" 11/10/2017
  5. C.M. Sharma 11/10/2017
    • Shishir "Madhukar" 11/10/2017
  6. डी. के. निवातिया 12/10/2017
    • Shishir "Madhukar" 12/10/2017

Leave a Reply