ज़िन्दगी अभी बांकी है

शीर्षक-ज़िन्दगी अभी बांकी हैऐ मेरे दोस्त क्या हुआ जोकुछ अभी मिला ना होसफलता का स्वाद चखा ना होलाख मेहनत के बाद भी अंजाम मिला ना होऐ मेरे दोस्तरास्ते में किसके रूकावट आती नहींमंजिल मिलती है आसानी सेकिसी किताब में लिखा नहींउम्र बीत जाती अँधेरे मेंरौशनी मिलती नहींज़िन्दगी से बड़ी तो कुछ भी नहींमाना की सब कोमिलती सफलता नहींसाँसो को यूँ तोड़ते नहींमाँ बाप की चाहतो को पंखे से लटक कर पूरे कर सकते नहींउम्मीदों का बोझ ले करछत से कूद सकते नहींलक्ष्य से पहले रुक सकते नहींरंग बांकी हैउमंग बांकी हैऐ मेरे दोस्त तुम अभी जिए हो कितनाअभी तो जवानी बांकी हैतुम्हारी कहानी बांकी हैज़िन्दगी के किताब को पढ़े हो कितनाकुछ पन्ने ज़िन्दगी के पलटने बांकी हैतुम्हारा बाजी जीतना अभी बांकी हैसफलता को तुम्हारी बनना अभी बांकी हैमंजिल को पाना अभी बांकी हैज़िन्दगी अभी बांकी है—अभिषेक राजहंस

Оформить и получить экспресс займ на карту без отказа на любые нужды в день обращения. Взять потребительский кредит онлайн на выгодных условиях в в банке. Получить кредит наличными по паспорту, без справок и поручителей

10 Comments

  1. Shishir "Madhukar" 29/09/2017
    • Abhishek Rajhans 30/09/2017
  2. C.M. Sharma 29/09/2017
    • Abhishek Rajhans 30/09/2017
  3. sarvajit singh 29/09/2017
    • Abhishek Rajhans 30/09/2017
  4. Kiran kapur Gulati 30/09/2017
    • Abhishek Rajhans 30/09/2017
  5. Madhu tiwari 01/10/2017
  6. डी. के. निवातिया 03/10/2017

Leave a Reply