मधुर वाणी – 2- बिन्देश्वर प्रसाद शर्मा (बिन्दु)

बेटा जब,बुलंदियों को छू लेता है तो बाप गर्व से कहता हैदेखो,यह मेरा बेटा है। बेटी जब कूल की इज्जत रखती हुईअपना घर संहाल लेती है तो बाप कहता है,देखो यह मेरी बेटी है। पर माँ ये सब नहीं कहती माँ तो माँ होती है उसका अंश अगर पास में है तो माँ कहती हैयह मेरा स्वर्ग है।

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5 Comments

  1. Madhu tiwari 16/09/2017
  2. Shishir "Madhukar" 16/09/2017
  3. C.M. Sharma 16/09/2017
  4. kiran kapur gulati 17/09/2017
  5. डी. के. निवातिया 18/09/2017

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