फल — डी के निवातिया

फल

रहीम काम आय भई, ना काम आय राम !बाबा कि लुटिया डूबी, बड़े भये बदनाम !!

राम संग रहीम जुड़े, बाबा काटे जेल !नेता धोखा दे गये, कैसे पाये  बेल !!

करम बुरा जो कीजिये, फल कब अच्छा पाय !कब तक छुपके रहोगे, एक दिन सब खुल जाय !!

***डी के निवातिया

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18 Comments

  1. Shishir "Madhukar" 12/09/2017
    • डी. के. निवातिया 03/10/2017
    • डी. के. निवातिया 03/10/2017
    • डी. के. निवातिया 03/10/2017
  2. Bindeshwar Prasad sharma 12/09/2017
    • डी. के. निवातिया 03/10/2017
  3. babucm 12/09/2017
    • डी. के. निवातिया 03/10/2017
  4. Madhu tiwari 12/09/2017
    • डी. के. निवातिया 03/10/2017
  5. दीपेश जोशी 13/09/2017
    • डी. के. निवातिया 03/10/2017
  6. दीपेश जोशी 13/09/2017
    • डी. के. निवातिया 03/10/2017
  7. Ram Gopal Sankhla 13/09/2017
    • डी. के. निवातिया 03/10/2017

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