लिखूं

कोई गीत हो या ग़ज़ल लिखू, चाहे आज या के कल लिखू। हर लम्हा तुझसे जुड़ा मेरा, चाह है तुझे हर पल लिखू। जो बादल धुप से बचाये मुझे उसे मैं तेरा आँचल लिखू। जो रात घनेरी देखु में तेरी आँखों का काजल लिखू। जो ख्वाहिश कभी जागे मेरी , तेरे सपनो का महल लिखू। सर्द रातो में जो राहत दे, तेरी बाहो का कम्बल लिखू। जो फ़िज़ा आकर छू ले मुझे, उसे में तेरी हलचल लिखू। जो शरारत याद आये तेरी, तो में तुझे चंचल लिखू। जो गुलशन में कभी फूल देखु, तुझे अपने अगल बगल लिखू।

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14 Comments

  1. Ram Gopal Sankhla 13/09/2017
    • दीपेश जोशी 13/09/2017
  2. डी. के. निवातिया 13/09/2017
    • दीपेश जोशी 13/09/2017
  3. babucm 13/09/2017
    • दीपेश जोशी 13/09/2017
  4. Madhu tiwari 13/09/2017
    • दीपेश जोशी 13/09/2017
  5. Bindeshwar Prasad sharma 13/09/2017
    • दीपेश जोशी 13/09/2017
  6. Shishir "Madhukar" 13/09/2017
    • दीपेश जोशी 13/09/2017
    • दीपेश जोशी 13/09/2017

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