हमने भुला दिया – शिशिर मधुकर

देखी जो तेरी बेरुखी हमने भुला दिया अपने हर अरमान को नीदें सुला दिया मुद्दतें गुज़री थी नमी आँखों से दूर थी तेरी जफ़ा ने फिर से उनको रुला दिया छोड़ा था तेरा संग जब दुनिया की भीड़ नेआवाज़ दे के हमने तो सबको बुला दियासावन की सभी मस्तियां रूठी थीं जिस घड़ी बाहों के बीच हमने तो तुझको झुला दिया तेरा भी वो एहसान मधुकर भूलता नहीं जिसने कभी उसका तन्हा सीना फुला दिया शिशिर मधुकर

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16 Comments

    • Shishir "Madhukar" 05/09/2017
  1. डी. के. निवातिया 05/09/2017
    • Shishir "Madhukar" 05/09/2017
  2. Madhu tiwari 05/09/2017
    • Shishir "Madhukar" 05/09/2017
  3. ANU MAHESHWARI 05/09/2017
    • Shishir "Madhukar" 05/09/2017
  4. Meena Bhardwaj 05/09/2017
    • Shishir "Madhukar" 05/09/2017
  5. kiran kapur gulati 06/09/2017
    • Shishir "Madhukar" 06/09/2017
  6. babucm 06/09/2017
    • Shishir "Madhukar" 06/09/2017
  7. रामगोपाल सांखला 06/09/2017
    • Shishir "Madhukar" 06/09/2017

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