तेरी यादें

शीर्षक– तेरी यादेंआँखे जब अधखुली सी अलसाई सी पलकों को झपकिया दिला रही होती हैनींद जब चुपके से मेरे सिरहाने बैठ रही होती हैदिल बगावत के झंडे कोलहरा रहा होता हैनींद को आँखों से भगा रहा होता हैघडी की टिक-टिक करती सुईकरवटो के संग जब चल रही होती है।जब तेरा मेरा साथ अतीत का कब्रगाह बनयादो को मिटा रहा होता हैवक़्त भगोड़ाभाग रहा होता हैदिल बेचारा जोर जोर सेधड़क रहा होता हैजब हवाएं कभी आती है धीमे धीमेजब झटके से खुल जाते दरवाजेतेरी यादो से लबरेज हो करतुझे खुद में जी करकोशिश करता हूँ तुम्हे धुंडने कीअपने यादो के दस्तावेज मेंनींद में आयें सपनो में कमरे के आईने मेंदरवाजे के दस्तक में……

Оформить и получить экспресс займ на карту без отказа на любые нужды в день обращения. Взять потребительский кредит онлайн на выгодных условиях в в банке. Получить кредит наличными по паспорту, без справок и поручителей

5 Comments

  1. Madhu tiwari 02/09/2017
    • Abhishek Rajhans 02/09/2017
  2. Rajeev Gupta 02/09/2017
    • Abhishek Rajhans 02/09/2017
  3. Shishir "Madhukar" 02/09/2017

Leave a Reply