गुरु वन्दना – मनुराज वार्ष्णेय

नमामि गुरुदेव तुमको समर्पणमेरा जो जीवन है तुमको ही अर्पणतुमने जीवन का पाठ पढ़ायातुम्ही ने बुलंदी पे चढ़ना सिखायातुमसे ही जीवन का चिराग जला हैतुमसे ही जीने का मकसद मिला हैतुम्ही ने दिखाया है मुझको दर्पणनमामि गुरुदेव तुमको समर्पणमेरा जो जीवन है तुमको ही अर्पणगुरु गोविंद दोउ खड़े थेगोविंद ने तुमको ही प्रथम बतायापूछा प्रभु से जो मोक्ष का मार्गप्रभु ने तुम्ही को ही मार्ग बतायातुम्ही पूर्वज हो तुम्ही हो तर्पणनमामि गुरुदेव तुमको समर्पणमेरा जो जीवन है तुमको ही अर्पणमाता तुम ही हो पिता भी तुम ही होबंधु तुम ही हो तुम ही हो सखानूर निकलता है नैनों से देखोतुम को जो हमने संभाले रखासब कुछ ही मेरा तुमको ही अर्पणनमामि गुरुदेव तुमको समर्पणमेरा जो जीवन है तुमको ही अर्पणकवि – मनुराज वार्ष्णेय

Оформить и получить экспресс займ на карту без отказа на любые нужды в день обращения. Взять потребительский кредит онлайн на выгодных условиях в в банке. Получить кредит наличными по паспорту, без справок и поручителей

12 Comments

  1. madhu tiwari 18/08/2017
  2. kiran kapur gulati 19/08/2017
  3. babucm 19/08/2017
  4. डी. के. निवातिया 19/08/2017
  5. Kajalsoni 20/08/2017

Leave a Reply