गाओ फिर गीत वही …. भूपेन्द्र कुमार दवे

गाओ फिर गीत वहीगाओ फिर गीत वही जो उस दिन गाया थामेघों की पलकों जो भादों भर लाया थामेरे मन को बहलाने कीघावों को भी झुटलाने कीछन्दों से मत कोशिश करनाबिखरे शब्दों को मत तजनागाओ बस गीत सदा जो दिल तेरा गाता थागाओ फिर गीत वही जो उस दिन गाया थापीड़ा की आँधी से डरकरलहरों की टक्कर से बचकरनाव नहीं तुम खेना ऐसेयम से डरता मानव जैसेखंड़ित वीणा मैं ही ले उस दिन आया थागाओ फिर गीत वही जो उस दिन गाया थाचिड़ियों-सा चुन चुन शब्दों कोत्यागो ना अपने भावों कोलय में रहने दो गीतों कोबदलो ना अपने अर्थों कोना बदलो वह आँसू जो उसदिन आया थागाओ फिर गीत वही जो उस दिन गाया थाजिस मंदिर में जा बैठे होजिस प्रतिमा में छिप बैठे होउसको अब क्यूँ भूल रहे होउसकी छवि क्यूँ बदल रहे होमैंने तो उसदिन भी इसको अपनाया थागाओ फिर गीत वही जो उस दिन गाया थामन मेरा गर बदल गया तोशैतान कहीं मचल गया तोविष का प्याला छलक गया तोगीतों में जा छितर गया तोतू भी बिसरेगा वह जो उस दिन गाया थागाओ फिर गीत वही जो उस दिन गाया था…. भूपेन्द्र कुमार दवे00000

Оформить и получить экспресс займ на карту без отказа на любые нужды в день обращения. Взять потребительский кредит онлайн на выгодных условиях в в банке. Получить кредит наличными по паспорту, без справок и поручителей

7 Comments

  1. Abhishek Rajhans 23/08/2017
  2. डी. के. निवातिया 23/08/2017
  3. Madhu tiwari 23/08/2017
  4. babucm 24/08/2017
  5. ALKA 26/08/2017

Leave a Reply