==* जहाँ मैं खड़ा था *== (गजल)

नजारा नशीला जहाँ मैं खड़ा थागवारा नही लौटना मैं खड़ा थानदी सामने बेतहाशा हसीं थीन मंजूर वो भापना मैं खड़ा थाजरासा डरा मैं तजुर्बा न कोईपड़ा थंड में कांपना मैं खड़ा थासहारा न कोई अकेली जवानीबड़ी बेवफा यातना मैं खड़ा थाशशी ने बताये फसाने वहां केबचा जो समा ताकना मैं खड़ा था———————-//**–शशिकांत शांडिले, नागपुरभ्र.९९७५९९५४५०

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8 Comments

  1. madhu tiwari 26/07/2017
  2. डी. के. निवातिया 26/07/2017
  3. arun kumar jha 26/07/2017
  4. babucm 27/07/2017

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