शरारत कमाल करती है -डी के निवातिया

आँखों की शरारत, होठो की लाली, कमाल करती है, चाँद से चेहरे से बरसती खूबसूरती बवाल करती है !! कातिल जवानी, लुभाती अदाओं से छलकाती शराब, कम्बख्त मासूम सी …

मीरा कोहिनूर हीरा

मीरा कोहिनूर हीरा मणिपुर का नोंगपेक कोकचिंग गांव चर्चा में आज है। यहां जन्मी मीराबाई चानू पर भारत देश को नाज है।। कोच कुंजरानी देवी की शिष्या प्यारी। आज …

जनता चुप रहना सीखो – अरुण कुमार झा बिट्टू

जनता चुप रहना सिखो नमो नमो कहना सीखो लव खोलोगे पछताओगे विद्रोही काहलाओगे कीमत बढ़ती हैं बढ़ने दो नोकरी छिनती है छीनने दो रोजगार नहीं है तुम देखो बत्तर …

बेरोज़गारी व आरक्षण – अरुण कुमार झा बिट्टू

क्या कहा पढ़े हो अभी घर पर बैठो BTech किए हो फिर भी घर पर बैठो। सरकार को नौकरी से सरोकार नहीं। इनके पास वादे हैं रोजगार नहीं क्या …

चांद से बाते – अरुण कुमार झा बिट्टू

कल मुझे मेरे छत पर मिल गया था चांद हस रहा था केह रहा था क्या खूब होते है इंसान उलझनें अपनी बनाकर खुद उलझते है हर बार नई …

लाल बत्ती का कारोबारी – अरुण कुमार झा बिट्टू

जरूरी नहीं कि पैसे वाले ही बड़े होते हैं मैंने गुदरियो में भी बड़े बड़े बड़े देखे हैं उम्र बीतती हैं पेट भर की आग बुझाने में। पर आंखो …

सरकार – अरुण कुमार झा बिट्टू

कमाल है भाई कमाल हैं जनता बेसक परेशान हैं पर सरकार बनती महान है। कमल है। करोना काल न संभाली गई मौत ऐसी बाटी गई शमशान में ना जगह …

अपने ही लोग ………….देवेश दीक्षित

अपने ही लोग खींचते हैं टाँग फिर कहते हैं कि बनो महान जैसे तुम चाहते हो वैसे नहीं खो जाओगे जिंदगी में कहीं   हमें तजुर्बा है जिंदगी का …

वो आईना लेके मुस्कुराते रहे।

वो लेके आइना मुस्कुराते रहें हवाओं में थे एहसास सो आते जाते रहें आईने से ही न जाने क्यों इतना शरमाते रहें हर राज दिखा कर भी छिपाते रहें …

किस किताब के शब्द हो तुम।

किस किताब के शब्द हो तुम जो इतने दिनों से समझी नहीं जितना खोऊं उतना उलझुं ठिकाने की कोई कमती नहीं आंखों से देखा बेहद सरल समझने बैठी थी …

हिन्दुस्तान…………….देवेश दीक्षित

हिन्दुस्तान हमारा है जग से ये न्यारा है हर धर्म के लोग जहां ऐसा राष्ट्र और कहां   हिंदू मुस्लिम सिख ईसाई हम सब हैं भाई भाई प्रेम से …