शायरी- अरूण कुमार झा बिट्टू

# शायर हूं मैं साहब शायराना अंदाज हैं। मेरी दौलत कुछ और नहीं बस दिल की आवाज हैं। # तू मेरी चाहत हैं। तू मेरी इबादत हैं। मैं कैसे …

नारी भेद।

नारी भेद चेत रहा था मुझमें क्या फर्क है जो पुरुषार्थ नहीं तुझमें नयनों से न नीर बहावे दया प्रेम त्याग दिखावे क्या जिवन तेरा है मुझमें नारी भेद …

क्या पानी पी कर जी पाएंगी।

न कुछ कहो अब आंखें समुंदर बन जाएंगी डूबना आखिर तुम्हे नही है पानी क्या पी कर जी पाएंगी। तुम बिखरोगे सब कहीं चांदनी रातों क्या सताएंगी खूब करते …

सावन की बारिश – डी के निवातिया

सावन की बारिश ने मुझे सताया बहुत है, तेरी यादो ने अबकी दिल दुखाया बहुत है, वैसे तो पहले भी कई दफ़ा तन्हा रहे, मगर इस बार मुहब्बत ने …

तेरी तस्वीर

तेरी तस्वीर देखकर मुझे प्यार तुम पर आने लगा तुम ही हो मेरी जिंदगी ये सोचकर आँहें भरने लगा तस्वीर में सुंदरता देखकर तुम्हारी नजदीकियों का आभास होने लगा …

तुम

तुम बिन कभी न मैं रह पाऊं तुम्हारी मौजूदगी से मैं खिल जाऊं होती नहीं कभी जब तुम पास मेरे तुम्हारी प्रतीक्षा में मैं बिखर जाऊं तुम्हें देखकर तुम्हारी …

रास छंद “कृष्णावतार”

रास छंद “कृष्ण जन्म” हाथों में थी, मात पिता के, सांकलियाँ। घोर घटा में, कड़क रहीं थी, दामिनियाँ। हाथ हाथ को, भी नहिं सूझे, तम गहरा। दरवाजों पर, लटके …

शायरी- अरूण कुमार झा बिट्टू

* हम तो थे दीवाने दीवाने रहेंगे। अब सिर्फ तेरी यादों के सहारे रहेंगे। तू कर ना कर मुहब्बत अब ओ मेरे सनम पर हम तो थे तुम्हारे तुम्हारे …

किसी की जुल्फों ने मुस्कुराना छोड़ दिया।

जुल्फों ने मुस्कुराना छोड़ दिया किसी राह ने नाता तोड दिया खूब चली चाले कभी सैनिक मरे कभी राजा ने जीना छोड़ दिया बस सिरे पर जिंदगानी थी इतना …

शायरी – अरूण कुमार झा बिट्टू

1 तेरी चाहत की आग में जलने लगा हूं तेरी फिक्र बेशुमार करने लगा हूं तू कर न कर मुहब्बत ये तेरी मर्जी पर मैं तुझसे प्यार करने लगा …