नक़ाब

कभी फेसबुक पोस्ट के लिए, कभी इंस्टा की स्टोरी के लिए, रंग-बिरंगे ‘फ़िल्टरस’ की आड़ में, ‘लाइक्स’ और ‘कमैंट्स’ की चाहत में, हम रोज़ नक़ाब बदलते ही हैं | …

तेरी मुहाब्बत सदा चहता हुँ- अरुण कुमार झा बिट्टू

और जिन्दगी से मैं क्या चहता हु। तू हो तेरी सोहबत सदा चहता हु। कमी हयातो मैं बहुत हैं चलेगी पर तेरी मुहाब्बत सदा चहता हु।

।। जय माँ जगजननी।।

जगजननी माँ संकटहारिणी,दुःखविनाशिनि तुम्हें प्रणाम। ऐसी दया करो हे माता, प्रतिपल जपूँ तुम्हारा नाम ।। 1 ।। संकटहरिणी, कष्टनिवारिणि, जगजननी माँ जग की माता। तुम्हारी ही दया से माता, …

हमदर्द ढूंढते हो – डी के निवातिया

हमदर्द ढूंढते हो, दर्द के साये में रहते हो, और हमदर्द ढूंढते हो, बड़े नादाँ मरीज़ हो, खुद-ब-खुद मर्ज़ ढूंढते हो !! खुदगर्ज़ी की जीती जागती मिसाल हो आप, …

बेटी

मेरे इस हथेली में समा जाती थी, पोपले मुंह से मुस्कराकर मेरा हर ग़म,हर थकन मिटा देती थी । एक दिन नन्हें हाथो और नन्हें पैरों से इस हथेली …

बसंत आने को है – डी के निवातिया

बसंत आने को है *** दीपशिखा के चंचल चरण करने चले है फागुन वरण शीतल ज्वाला  से अपनी सौरभ मधु बरसाने को है सुना है ! बसंत आने को …

इश्क रूहानी – डी के निवातिया

इश्क रूहानी *** शाम सुहानी हो तो कुछ और बात हो, साज रूमानी हो तो कुछ और बात हो, यूँ तो दीवाने हजार मिलते है हुस्न के, इश्क रूहानी …

नूतन पल – डी के निवातिया

नूतन पल नूतन पल, बेला नई, नवल किरण की भोर ! आशा दीपक जल उठे, तन मन हुआ विभोर !! तन मन हुआ विभोर, नयन कँवल विहग जागे ! …

नया साल – डी के निवातिया

नया साल नए साल के जश्न में, बात नहीं वो शेष ! बीमारी से आज तक, जूझ रहा है देश !! जूझ रहा है देश, चिंता बहुत यह भारी …

कैलेंडर बदले तो नए साल हो गए : “गोपी”

कैलेंडर बदले तो नए साल हो गए तारीखें बीतती गई दिन महीने साल हो गए आया इक्कीस, बीस में कैसे हाल हो गए चंद अल्फ़ाज़ में हकीकत बयां की …

।। जीवन का सार ll

जीवन मे क्या खोया क्या पाया, समझ चौथेपन में आता है। उपलब्धियों अनुप्लाधियों का लेखा जोखा, नजरों के सामने आता है ।।1।। उपलधियों के उजले पक्ष से, यदि मानव …

मिटे नफरतों का कोहरा

मिटे नफरतों का कोहरा लगाकर गले आपको कुछ देर तक रोना चाहता हूं अश्कों से अपने आपके दिल को भिगोना चाहता हूं तिनका तिनका सुख बिखरा है यहां वहां …