ज्ञानपीठ पुरस्कार
ज्ञानपीठ पुरस्कार भारत में एक महत्वपूर्ण साहित्यिक पुरस्कार है और इसके अलावा साहित्य अकादेमी पुरस्कार भी देश एक महत्वपूर्ण साहित्यिक पुरस्कार है । ज्ञानपीठ पुरस्कार का गठन १९६१ में किया गया और पहला पुरस्कार १९६५ में दिया गया ।
पुरस्कार पाने वाले साहित्यकारों का विवरण
वर्ष |
साहित्यकार का नाम |
कृति जिसके लिये पुरस्कार दिया गया |
भाषा |
| २०१० | चन्द्र शेखर काम्बर | कन्नड साहित्य में योगदान के लिये | कन्नड |
| २००९ | श्रीलाल शुक्ल और अमर कान्त | हिन्दी | |
| २००८ | अखलाक मुहम्मद खान शहरयार | उर्दू | |
| २००७ | ओ.एन.वी. कुरुप | मलयालम | |
| २००६ | रवीन्द्र केलकर | कोंकणी | |
| २००६ | सत्यव्रत शास्त्री | संस्कृत | |
| २००५ | कुँवर नारायण | हिन्दी | |
| २००४ | रहमान राही[5] | कश्मीरी | |
| २००३ | विंदा करंदीकर | मराठी | |
| २००२ | दण्डपाणी जयकान्तन | तमिल | |
| २००१ | राजेन्द्र केशवलाल शाह | गुजराती | |
| २००० | इंदिरा गोस्वामी | असमिया | |
| १९९९ | निर्मल वर्मा | हिन्दी | |
| १९९९ | गुरदयाल सिंह | पंजाबी | |
| १९९८ | गिरीश कर्नाड | कन्नड़ | |
| १९९७ | अली सरदार जाफरी | उर्दू | |
| १९९६ | महाश्वेता देवी | बांग्ला | |
| १९९५ | एम.टी. वासुदेव नायर | मलयालम | |
| १९९४ | यू.आर. अनंतमूर्ति | कन्नड़ | |
| १९९३ | सीताकांत महापात्र | ओड़िया | |
| १९९२ | नरेश मेहता | हिन्दी | |
| १९९१ | सुभाष मुखोपाध्याय | बांग्ला | |
| १९९० | वी.के.गोकक | कन्नड़ | |
| १९८९ | कुर्तुलएन हैदर | उर्दू | |
| १९८८ | डा.सी नारायण रेड्डी | तेलुगु | |
| १९८७ | विष्णु वामन शिरवाडकर कुसुमाग्रज | मराठी | |
| १९८६ | सच्चिदानंद राउतराय | ओड़िया | |
| १९८५ | पन्नालाल पटेल | गुजराती | |
| १९८४ | तकाजी शिवशंकरा पिल्लै | मलयालम | |
| १९८३ | मस्ती वेंकटेश अयंगार | कन्नड़ | |
| १९८२ | महादेवी वर्मा | यामा | हिन्दी |
| १९८१ | अमृता प्रीतम | कागज ते कैनवास | पंजाबी |
| १९८० | एस.के. पोत्ताकट | ओरु देसात्तिन्ते कथा | मलयालम |
| १९७९ | बिरेन्द्र कुमार भट्टाचार्य | मृत्यंजय | असमिया |
| १९७८ | अज्ञेय | कितनी नावों में कितनी बार | हिन्दी |
| १९७७ | के. शिवराम कारंत | मुक्कजिया कनसुगालु | कन्नड़ |
| १९७६ | आशापूर्णा देवी | प्रथम प्रतिश्रुति | बांग्ला |
| १९७५ | पी.वी. अकिलानंदम | चित्रपवई | तमिल |
| १९७४ | विष्णु सखाराम खांडेकर | ययाति | मराठी |
| १९७३ | दत्तात्रेय रामचंद्र बेन्द्रे | नकुतंति | कन्नड़ |
| १९७३ | गोपीनाथ महान्ती | माटीमटाल | उड़िया |
| १९७२ | रामधारी सिंह दिनकर | उर्वशी | हिन्दी |
| १९७१ | विष्णु डे | स्मृति शत्तो भविष्यत | बांग्ला |
| १९७० | विश्वनाथ सत्यनारायण | रामायण कल्पवरिक्षमु | तेलुगु |
| १९६९ | फ़िराक गोरखपुरी | गुल-ए-नगमा | उर्दू |
| १९६८ | सुमित्रानंदन पंत | चिदंबरा | हिन्दी |
| १९६७ | के.वी. पुत्तपा | श्री रामायण दर्शणम | कन्नड़ |
| १९६७ | उमाशंकर जोशी | निशिता | गुजराती |
| १९६६ | ताराशंकर बंधोपाध्याय | गणदेवता | बांग्ला |
| १९६५ | जी शंकर कुरुप | ओटक्कुष़ल (वंशी) | मलयालम |