नब बर्ष 2013

नब बर्ष (2013) की हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।

मंगलमय हो आपको नब बर्ष का त्यौहार
जीवन में आती रहे पल पल नयी बहार
ईश्वर से हम कर रहे हर पल यही पुकार
इश्वर की कृपा रहे भरा रहे घर द्वार..

मुझको जो भी मिलना हो ,बह तुमको ही मिले दौलत
तमन्ना मेरे दिल की है, सदा मिलती रहे शोहरत
सदा मिलती रहे शोहरत और रोशन नाम तेरा हो
ग़मों का न तो साया हो निशा में ना अँधेरा हो

नब बर्ष आज आया है , जलाओ प्रेम के दीपक
गर जलाएं प्रेम के दीपक तो अँधेरा दूर हो जाए
गर रहें हम प्यार से यारों और जीएं और जीने दें
अहम् का टकराब पल में ही यारों चूर हो जाए

मनाएं हम सलीखें से तो रोशन ये चमन होगा
सारी दुनियां से प्यारा और न्यारा ये बतन होगा
धरा अपनी ,गगन अपना, जो बासी बो भी अपने हैं
हकीकत में बे बदलेंगें ,दिलों में जो भी सपने हैं

नब बर्ष (2013) की हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।

काब्य प्रस्तुति :
मदन मोहन सक्सेना

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Madan Mohan Saxena

योगदानकर्ता ::

कबि ,लेखक और गज़लकार . ब्लॉग उन लोगों को समर्पित है जो चार पल की जिंदगी में कुछ समय के लिए मेरी जिंदगी में आये और चले गए और उन लोगों को भी समर्पित है जो अभी भी मेरी जिंदगी में एक अहम् मुकाम रखते हैं . मैं एक सरकारी अधिकारी हूँ। मुझे पढ़ने-लिखने का शौक है । मैं जो भी महसूस करता हूँ, निर्भयता से उसे लिखता हूँ। अपनी प्रशंसा करना मुझे आता नही इसलिए मुझे अपने बारे में सभी मित्रों की टिप्पणियों पर कोई एतराज भी नही होता है। मेरा ब्लॉग पढ़कर आप नि:संकोच मेरी त्रुटियों को अवश्य बताएँ। मैं विश्वास दिलाता हूँ कि प्रत्येक ब्लॉगर मित्र के अच्छे सुझाब की अवश्य सराहना करूंगा । जीवन के अनुभव खुद व् खुद शब्दों के माध्यम से कभी गीत तो कभी ग़ज़ल और कभी आलेख के रूप में मुझे मिलते रहे

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