Hindi Pakhwada

हिंदी  है  अपनी  भाषा , इसकी  शान  बढाएंगे ,

सब  भाषाए  बहने  इसकी ,

इसका  मl न  बदयेंगे l

तन  में  हिंदी , मन  में  हिंदी ,

और  ह्रदय  में  है  हिंदी l

उच्च  हिमालय , सागर  तल  में ,

रोम  रोम  में  है  हिंदी l l

 

गीत

आओ , आओ  सब  मिलि  आओ ,

हिंदी  दिवस  मनाओ  रे l

हिंदी  है  जन -जान  की  भाषा ,

इसको  गले  लगाओ  रे l

हिंदी  है  गंगा  जैसी ,

सारी  भाषाए  मिलाती ,

हिंदी  से  गौरव  पाये ,

सूर ,रहीम ,मीरा ,तुलसी l

भूषण  भाव  ह्रदय  में  भर  कार ,–आ -आ

मानस  डूबकी  लगाओ  रे l  ओओ  आओ

प्रेमचंद  की  पड  लो  कहानी ,

जायसी  की  पद्मावती  रानी ,

आचल  दूध  आ  आंख  में  पानी ,

गुप्त  की  तुम  सुन  लो  जुबानी l

कामायनी  क  सर्ग  तार  से , आ  आ  आ

निज  परिधान  बनाओ  रे l  अओ  आओ  आओ

हिन्द  की  पहचान  है  हिंदी ,

मीरा  की  अरमान  है  हिंदी ,

खुसरो  औ  रसखान  है  हिन्दी ,

सारा  हिन्दूस्तान  है  हिन्दी ,

काका  की  मुस्कान  है  हिन्दी l

दिनकर , देव ,विहारी  के , आ  या  आ

काव्यो  को  कंठ  लगाओ  रे l  आओ ,आओ  आओ

हिन्दुस्तान  बना  हिन्दी  से ,

हम  सब  हिंद  के  वासी  है l

नानक  औ  कबीर  की  भाषा ,

जयशंकर  की  काशी  है l

आदिकाल  के  चंद  की  भाषा ,

भक्तिकाल  के  सूर  की  भाषा ,

रितिकालिक  श्रीन्गारिक  आशा l

पन्त ,निराला  की  अभिलाषा ,

हिन्दी  है  हिंडोला  अपनी , आ  आ  आ

झूमो , नाचो , गाओ  रे l l  आओ  आओ  आओ

समाप्त

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gopaljigupta

योगदानकर्ता ::

इस योगदानकर्ता द्वारा 7 रचनायें अब तक प्रकाशित की गयीं ।

प्रतिक्रिया (2)

  1. anil datt upadhyay

    Gopal ji
    aap ne Bahut hi Sundar Kavita Likhi hai.

    anil upadhyay

  2. Hariman Meena

    Gopal ji aap ne bahut hi sundar or saral bhasa me ye ksvita likhi h aapko bahut bahut dhanybad or mujhe aasa h ki aap or sundar kavitao ka sirajan krte rhenge.

    aapka subhekshu
    Hariman meena

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