मेरी तन्हाई..मेरी नज़्म..सी.एम्.शर्मा (बब्बू)..

मेरी तन्हाई आज यूं मुझसे मिल कर रोई…. सखी बचपन की बिछड़ी मिली हो जैसे कोई… पल भर में ही हो गयी फिर से वो मेरी…. गिला शिकवा लब …

मीठा फल – बिन्देश्वर प्रसाद शर्मा (बिन्दु)

गलत फहमिओं में जीना कोई जीना नहीं मस्त होकर जीओ,तेरा हक तुझे मिलेगा बस तुम सिर्फ आम बोओ मैं तुम्हें मीठा फल दूंगा।

इंसान हूँ

थकी आवाजें,आबरू बगल में,दकियानूसी का लिबास पहनता हूँ। नफरत का व्यापार लगा,सौदा रूहानी कलपुर्जों का करता हूँ।। बिखरी साँसे,खुद से अपरिचित,खबरेें जुबां पे परिंदों की रखता हूँ। इस ज़हान की …

|| ईमानदारी की परीक्षा ||

जब जीवन की जीवनी मे, जब मैने ईमानदारी का चुनाव किया । शुभेच्छुओं का लगता रहा तांता, सबने एक सा मशवरा दिया ।।1 ।। इस राह मे ‘मित्र’ दोस्त …

निशां तो फिर भी रहते हैं – शिशिर मधुकर

भले ही घाव भर जाएं निशां तो फिर भी रहते हैं मुहब्बत के गमों को आज हम तन्हा ही सहते हैं वो पत्थर हैं ज़माने से कभी कुछ भी …

बस छोटी सी है गिला

तोड़ दिए मैंने अपने सारे सपने, साथ नही है मेरे अपने, मुझे उनका प्यार नही मिला, बस यही है छोटी सी गिला। उन्होंने मुझे बहुत दर्द है दिया, फिर …

वक्त – बिन्देश्वर प्रसाद शर्मा (बिन्दु)

वक्त का बहाना अच्छा है अंधे को आईना दिखाना अच्छा है मजबूरियों की बात कुछ और है साहब अच्छों – अच्छों को मुर्ख बनाना अच्छा है।

नई शुरुआत करते हैं – शिशिर मधुकर

भले ही मुद्दतों से हम ना तुमसे बात करते हैं तेरे ख़्वाबों में ही लेकिन बसर दिन रात करते हैं ये माना बाग़ उजड़ा है बहारें अब ना आती …

सपनों का टुटना

मैंने अपने सपनों को टुटते देखा है मैंने अपने अरमानों को कुचलते देखा है। ख्वाहिश नहीं थी मुझे किसी राजधराने की बहुँ बनु। ख्वाहिश नहीं थी मुझे किसी जमींदार …

हज़ारों मंजिले मिलेंगी

हजारों मंजिलें मिलेंगी तुम्हें पाने के लिए, परेशानियां इम्तिहान लेगीं आजमाने के लिए । रास्ते टेढ़े-मेढ़े भले ही हों इस ज़माने के लिए , जिंदगी मिलती है सभी को …

नाव में पतवार नहीं

नाव में पतवार नहीं हुजूर, आप जहां रहते हैं, दिल कहते हैं, उसे ठिकाना नहीं, शीशे का घर है संभलकर रहियेगा, हुजूर टूटेगा तो जुड़ेगा नहीं, यादों की दीवारे …

बेटी का हाथ किसके साथ ??

गाँव,देहात में अक्सर अधिक बेटी वाला परिवार मध्यम य गरीब वर्ग से सम्बंध रखता है !! उसके कई कारण हो सकते है पर मुख्यतः ये कारण तो हर समस्या …

वायदा मेरा — डी के निवातिया

वायदा मेरा ! जाने क्यों मिटाने में लगा है मुझको कायदा तेरा मेरे मिट जाने में दिखा क्या तुझको फायदा तेरा मिट भी गया तो दफ़न हो जाऊंगा तेरे …

पूनम की रात को भी चाँद गायब हो गया

अमावस की रात को चाँद का गायब होना कोई बात नहीं जहरीली हवाओं की धुंध इतनी छाई पूनम की रात को भी चाँद गायब हो गया| दिल में सभी …

हर कोई शायर हो गया

चमत्कार दिखाया तो नमस्कार हो गया अमावस की रात को चाँद भी गायब हो गया दर्द-ए-दिल पनपने लगा तो ये करिश्मा देखने को मिला लिखने लगे सब अपनी दास्ताँ …

दर्द मुझसे मिलकर अब मुस्कराता है

दर्द मुझसे मिलकर अब मुस्कराता है बक्त कब किसका हुआ जो अब मेरा होगा बुरे बक्त को जानकर सब्र किया मैनें किसी को चाहतें रहना कोई गुनाह तो नहीं …

मैं सैनिक हूँ

मैं सैनिक हूँ मैं जगता हूँ रातभर चौकस निगाहें गड़ाए हुए उस जगह जहाँ अगली सुबह देख पाऊं इसमे भी संशय है उसके लिए जो अभी अभी छाती से …

नैन दियो भरमाए- दोहे -सी.एम्. शर्मा (बब्बू)…

देख देख तन आपना, काहे का अभिमान…. पल में टूटे खिलौना, आन पड़े शमशान…. साँच साँच  तू  बोल  के, झूट  साँच  बनाये…. साँच अग्नि जब आ जली,सबहि दिया जलाये… …

Teri yaaden

पल पल बदल जाते हैं लोग, हम पागल समझ ही नही पाते। अपने मेरी सारी यादें मिटा दी, और हमारी यादों से कहीं नही जाते। हम तो सोचते थे …

ज़िन्दगी का शायर हूँ..

ज़िन्दगी का शायर हूँ मैं ज़िन्दगी का शायर हूँ, मौत से क्या मतलब मौत की मर्जी है, आज आये, कल आये| टूट रहे हैं, सारे फैलाए भरम ‘हाकिम’ के, …