पंद्रह अगस्त

बिन मान बने मेहमानों को अपने घर से जब किया विदा उन्मुक्त-गगन,स्वछन्द-धरा स्वाधीन -मेखला हुई यदा जिसमें न सूर्य कभी डूबा उसका जब सूरज हुआ अस्त आया स्वर्णिम पंद्रह …

दिल के टुकड़े हजार करते है

जुबाँ कड़वी हो कितनी भी , तुम्ही से प्यार करते है तेरी तस्वीर से भी हम तो , आँखें चार करते है ये परदे में तुम्हारा हुस्न जो , …

खुदा का है दरबार – अनु महेश्वरी

  जग में हम सभी किरायेदार, दुनिया खुदा की है दरबार, अस्थायी है अपना निवास, बाकी बातें सभी निराधार| सभी को जाना है एकबार, मन में क्यों रखे फिर भार, …

प्रेम की छाँव – शिशिर मधुकर

लोग मेरी मुहब्बत पे जाने क्यों तंज़ कसते हैं जो भी सम्मान देते हैं वही तो दिल में बसते हैं ज़ख्म देते रहे दिल पे नतीजा सामने है जब …

फ़साना – डी के निवातिया

फ़साना *** तेरी मेरी कहानी का अब यही फ़साना होगा बरसेंगे तेरे मेंरे नैन बारिश का बहाना होगा !! तड़पते दो दिलो में तन्हाई का आलम होगा सिमटते रिश्तो …

दोहे – बिन्देश्वर प्रसाद शर्मा – बिन्दु

देखो मेघा घिर गया, ये बादल के साथ बूंद – बूंद अब झर रहा, मौशम का सौगात। गाँव – शहर सब भर गये, नदियाँ करे उफान त्राहि – त्राहि …

भोला बम बम भोला…सी.एम्.शर्मा (बब्बू)….

II छंद – चौपाई II कहते हैं शमशान निवासी, रोम रोम रम रहा सुवासी… आदि अंत का जो है ज्ञाता, महादेव वो है कहलाता.. पी कर ज़हर अमृत देता …

ll भगवान शिव स्तुति ll

जय शिव शंकर अवढ़र दानी, तुम्हरी महिमा सब ने मानी । सब भूतों में वास तुम्हारा, वेदों ने है कीर्ति बखानी ॥ 1 ॥ आदि अन्त रहित तुम व्याप्त …

तू मेरा साईं, तू मेरा राम है

तू मेरा साईं, तू मेरा राम है। तेरी पूजा निसदिन मेरा काम है।। हो…..हो…..हो….. नहीं तुझसे बड़ा है संत कोई…. और गुरु कोई…. तेरी भक्ति, तेरी शक्ति, जीवन का …

लोग तो हैं ऐसे इसे जिन्दगी कहते हैं

लोग तो हैं ऐसे इसे जिन्दगी कहते हैं हम इसे साये-मौत की दिल्लगी कहते हैं। ये छलकते जाम भी इक साज से होते हैं हम प्यासे इसे महकती बंदगी …

उलझा हुआ वो भी – अनु महेश्वरि

पुरुष शक्तिशाली या नारी, कोन किसपे परे है भारी, ये बहस तो चलती आयी है, सदियों तक चलती भी रहेगी। मेरा अनुभव तो कहता है, पुरुष भी मन से …

तुम्हें भी नाज़ तो होगा – शिशिर मधुकर

अधूरा हूँ तुम्हारे बिन तुमको अंदाज़ तो होगा अनकहा तेरे होठों पे कोई अल्फ़ाज़ तो होगा ये माना देख चेहरे को बयां कुछ भी नहीं होता मगर दिल में …

तेरा ही दास है – शिशिर मधुकर

आँखों में तेरे ख्वाब हैं पर तू ना पास है तन्हा सी मेरी ज़िन्दगी कितनी उदास है यूँ तो राहें ज़िंदगी में अपने भी मिल गए कोई भी मगर …

सोच-सोच घबराता हूँ

ये सोच-सोच घबराता हूँ…….. *** पिता नही मेरी ताकत है, छत्र-छाया में उनकी रहता हूँ महफूज उनके संरक्षण में, निडर हो बेफिक्री से जीता हूँ छोड़ जायेंगे एक दिन …

मौन बड़ा अनमोल – डी के निवातिया

मौन बड़ा अनमोल *** मौन बड़ा अनमोल प्यारे, नही इसका कोई मोल मौन के आगे सब हारे, बोलो कितने कड़वे बोल !! मौन जब तक मौन है, दुनिया में …

जीने का मन करता है– शिशिर मधुकर

जब जब देखूं तेरी सूरत, जीने का मन करता है जाम नशीले नज़र से तेरी,पीने का मन करता है चोट अगर तुझको लग जाए,दर्द मुझे भी होता है तेरी …