Category: वन्दना मोदी गोयल

महबूब की गली से जो होकर गुजर गया

महबूब की गली से जो होकर गुजर गया बस इसी बात का अफसाना हो गया। पल भर को उठा के निगाहें जो देख लिया उसकेा दुष्मन हमारे प्यार को …

नये साल काश कुछ नया नया

नये साल काश कुछ नया नया सा होता सपने होते नये नये,नया हर सुबह का ख्बाब होता। हवा होती मंद मंद मुस्काती,सूरज का नया ताप होता रंगो से निकलता दिन …

हिम्मत क्यों हारें हम.

हिम्मत क्यों हारें हम……8311 माना संघर्श बहुत जीवन में पर संधर्शो से क्या डरना मौत तो आनी हेै इक दिन सबको मरने से पहले क्या मरना। काटे ही तो …

ये सौन्दर्य नहीं चाहिये——

तेरे होंठ—— खिलते हु, गुलाब की दो पंखुरिया तेरे नयन—– हटते औ छाते बादलों मे ज्यों चाँद तेरी बिंदिया—- चंदा के समीप ला द्य्रुवतारा तेरी चूडिया—– पनद्यट पर पानी …

खूबसूरत तो मैं हूं

खूबसूरत तो मैं हूं मैंने मु़द्धत से आइना नही देखा पर… लोग कहते हैं…मैं खूबसूरत हॅं मेरी आंखें बोलती है पर…क्यों नहीं पढ पाये थे वो मेरी आॅखों की परिभाशा …