Category: अज्ञात कवि

तू प्यार हो मेरा,हो मेरी जिंदगी,,,,,by-md.juber husain

तू प्यार हो मेरा,हो मेरी जिंदगी ——–मु. जुबेर हुसैन आज हाल-ए-दिल की बाते कह देंगे सभी तू प्यार ही मेरा,हो मेरी जिंदगी,,, मिले चाहें फूलों का डगर मिले चाहें …

चेतना की डोर

  अतीत को न आंकिये अब नासमझ निगाहों से बन जाएगी जहर जिंदगी बेबुनियाद इरादों से। आने वाला कल ही भविष्य के लिए उजागर होगा मानवमात्र का उसका कर्म …

रोलिंग कुर्सी – अनु महेश्वरी

बैठ, रोलिंग कुर्सी पे, घड़ी की सुई को, निहारती आँखे, कभी नज़रे उठती है, दरवाजे की तरफ़, कभी टेबल पे रखें, फ़ोन की तरफ है| आस उसने अभी भी, …

दबा ली वो ख्वाइशें भुला दिया अरमानों को

दबा ली वो ख्वाइशें भुला दिया अरमानों को भायी नही थी जो मेरे अपने ही नादानों को बदल दिए वो मार्ग सारे जो जाते थे सब तुम तक अँधा …

टिमटिमाता हुआ, एक चिराग़ … Raquim Ali

अगर, घनघोर घटा छाई हो आंधियां चल रही हों बारिश मूसलाधार हो; अगर, अमावस की रात हो हर सिम्त में फैला हुआ बेइंतहा अंधकार हो। अगर, मेरे हाथ में …

रिश्तों को जीना सीखें – अनु महेश्वरी

निभाते निभाते रिश्ते भी, बोझ से लगने लगते है| आसान अगर बनाना है, रिश्तों को जीना सीखें| आप जुड़े हो, किसी भी पेशे से, एक बार उसे अपना, मान …

बयानबाज़ी – अनु महेश्वरी

कभी कभी सोचती हूँ, क्या कोई इंसान जन्म से बुरा होता होगा? कोई भी जन्म से बुरा, सायद नहीं होता है, लगता है, परिस्थितियां इंसान को बुरा बना देती …