Category: अज्ञात कवि

सरगम – बिन्देश्वर प्रसाद शर्मा (बिन्दु)

कोयल सी आवाज है तेरी सरगम जैसी साज है तेरी। तुम मृदुल वसंत के जैसी परियों सा अंदाज है तेरी। तेरी अनुपम राग – रागिनी सुख सागर मिजाज है …

दयार – ए- दिल- बिन्देश्वर प्रसाद शर्मा (बिन्दु)

दयार ए दिल को महफूज़ रखा है तुम क्यों हमसे उसे दूर रखा है। आँखों के बहाने तो कुछ ओर है न जाने हमसे क्यों गुरूर रखा है। आँखें …

दर्द का एहसास – बिन्देश्वर प्रसाद शर्मा (बिन्दु)

ëइन ख्यालों में कैसे उनका दीदार हो गया सोच कुछ और रहा था, लगता है प्यार हो गया। अक्सर तन्हाई में, भटक जाता मन कुछ इस तरह दिल के …

वक्त बे वक्त – बिन्देश्वर प्रसाद शर्मा (बिन्दु)

नज़र का खेल है जो कहते हैं दिल में हम आपके ही रहते हैं। ये मत सोचो कि ये नादानी है प्यार होता क्या है समझते हैं। दर्द देता …

अफसोस – बिन्देश्वर प्रसाद शर्मा (बिन्दु)

हम जो हार गये दोस हमारे थे कोशिश न करी अफसोस हमारे थे। शायद समझ पाया था नहीं जिंदगी जीत के अक्ल बेहोश हमारे थे। ठोकरें लगी थी अब …

मुझे शिकवा ज़िन्दगी से नही – अनु महेश्वरी

मुझे शिकवा ज़िन्दगी से नही है, मुझे ईर्ष्या भी किसी से नही है। ज़खम मैंने खूब जीवन में झेले, मुझे उम्मीदें कहीं से नहीं है। अगर साथी ज़िन्दगी में …

सत्य उगलती कलम – बिन्देश्वर प्रसाद शर्मा (बिन्दु)

सोच में डूबे चिंतन करते, अपने आप को देखा है अपनी लेखनी अंतर मन में, हमनें उतरती देखी है  । ये कलम जज्बात है कहती सत्य उगलती ऐसी है …

प्यार है कैसा – बिन्देश्वर प्रसाद शर्मा (बिन्दु)

दिल को दिया है चीर, इसका प्यार है कैसा फोड़ लिया अब सिर, इसका प्यार है कैसा। जाने – अनजाने अब आहें भरता है इश्क में पागल ऐसे ही …

दिवाने – बिन्देश्वर प्रसाद शर्मा (बिन्दु)

हाल बताएँ क्या तुझको, हम तेरे दिवाने हैं अब मिलता कहाँ है चैन, हम तेरे दिवाने हैं। हम ऐसे अनजाने हैं, हम वैसे मस्ताने हैं अब मिलता कहाँ है …

पापा की याद – बिन्देश्वर प्रसाद शर्मा (बिन्दु)

साये की तरह साथ देने वाले मैंनें अपने पिता को खोया था। आज फिर से याद आ गयी उनकी आँखें अपने आप ही रोया था। ठोक कुम्हार सा सुन्दर …

गीत – बिन्देश्वर प्रसाद शर्मा (बिन्दु)

तू मेरे मन मीत, तेरी अजब कहानी दिल लिया है जीत, तेरी अजब कहानी। तेरी सूरत चाँद से कितना मिलता है हंसती हो तो फूल के जैसा खिलता है …

ग़ज़ल – बिन्देश्वर प्रसाद शर्मा (बिन्दु)

खुद को संहालो इतना कि बस चलना आ जाय राह जैसी भी हो, वक्त पर बदलना आ जाय। दकियानूसी से, रंगत यह बदल जायेगी रुख़ हवा का देखके, आपको …

उदासी से भरा ये दिल हमारा देखिए

या तो समंदर में , वबंडर का नजारा देखिए या उदासी से भरा , ये दिल हमारा देखिए गर जिंदगी है खुशनुमा , तो कुछ ऐसा करके देखिए दिल …

Il स्मृति ll

॥ स्मृति ॥ नाम मेरा है ‘स्मृति’, मेरे जागरण से प्रकट होता है भूतकाल । मेरे ही अस्तित्व से संभव होते, भविष्य की घटनाओं के हाल ॥ 1 ॥ …

गज़ल – ए – चाँद – बिन्देश्वर प्रसाद शर्मा (बिन्दु)

गुरु जी, मैं आपका अब मुरीद बन बैठा हूँ चाँद दिखा है , इसलिए मुफ़ीद बन बैठा हूँ। आप तो रहनुमा हैं, मेरे इन ख्यालों के चरणों में आपके …

प्यारी सी घटा – बिन्देश्वर प्रसाद शर्मा (बिन्दु)

उमड़ती -घुमड़ती -मचलती,ये मद मस्त सी घटा कारी – कारी कटारी, कजरारी, प्यारी सी लटा। कभी गरजती, कभी बरसती, कभी चमकती ऐसे सनन- सनन – सन पुरवाई, अंगड़ाई सी …

गृहिणी………..””””””””””””””””””सविता वर्मा

रूप में रागिनी, मै हूँ गृहस्वामिनी जो उठा लू कलम तो मैं गजगामिनी सार्थकता वही,अभिव्यक्ति भी वही जो तुम में प्रकृति,हममे शक्ति भी वही फिर किसलिए नही हमारी पहचान …

रूबरू – बिन्देश्वर प्रसाद शर्मा (बिन्दु)

कभी मैं उनको देखा तक नहीं था आज उन्हीं को मैं देखता रह गया पहली ही बार रूबरू हुए आँखों में और मैं उन्हीं को समझता रह गया।

तहरीर – बिन्देश्वर प्रसाद शर्मा (बिन्दु)

बिना देखे ही हम उनको ऐसे सलाम कह दिये तजुर्बा ही मेरा कुछ इस तरह था जो नाम कह दिये। बड़ी मेहनत से पढ़ना सीखा था मैंने तहरीर नजरों …