Category: अज्ञात कवि

मंत्री जी – बिन्देश्वर प्रसाद शर्मा – बिन्दु

पहले फक्कड़ ऐसे दलाल थे बन गये कैसे मुखिया सरपंच। जब से मंत्री बन गये हैं देखो ऊँचा कितना हो गया है मंच। बेईमानी की जाल बिछाया धर्म का …

ll अटल सदैव अटल रहेगा ll

O ‘अटल’ नामधारी मै जीवन भर रहा सदा ही अटल l मेरी स्मृतियाँ संजो रखेगा आने वाला कल ll 1 ll काल के कपाल पर लिखते मिटाते मैंने कठिनाइयों …

संकल्प

सब बातों को छोड़, बात करते हैं बीएसएनएल की संचार-व्यस्था का यह अग्रदूत, है जो नियोक्ता हमारा। यही हमें रोटी देता है, यही कपड़े भी देता है हमको हमारे …

आजादी – बिन्देश्वर प्रसाद शर्मा – बिन्दु

नाम की है आजादी या किस काम की आजादी अंग्रेज की आजादी या हिन्दुस्तान की आजादी। सत्तर साल में अमीर का या गरीब की आजादी खून की आजादी है …

सबसे पहले है देश – अनु महेश्वरी

बधाई हो बधाई हो, स्वतंत्रता दिवस की सबको बधाई हो। पाने के लिए ये आज़ादी, पुर्वजों ने दी है कुर्बानी, देखो इसे अब न कोई, ज़ख्म दे जाए। बधाई …

पंद्रह अगस्त

बिन मान बने मेहमानों को अपने घर से जब किया विदा उन्मुक्त-गगन,स्वछन्द-धरा स्वाधीन -मेखला हुई यदा जिसमें न सूर्य कभी डूबा उसका जब सूरज हुआ अस्त आया स्वर्णिम पंद्रह …

दिल के टुकड़े हजार करते है

जुबाँ कड़वी हो कितनी भी , तुम्ही से प्यार करते है तेरी तस्वीर से भी हम तो , आँखें चार करते है ये परदे में तुम्हारा हुस्न जो , …

खुदा का है दरबार – अनु महेश्वरी

  जग में हम सभी किरायेदार, दुनिया खुदा की है दरबार, अस्थायी है अपना निवास, बाकी बातें सभी निराधार| सभी को जाना है एकबार, मन में क्यों रखे फिर भार, …

दोहे – बिन्देश्वर प्रसाद शर्मा – बिन्दु

देखो मेघा घिर गया, ये बादल के साथ बूंद – बूंद अब झर रहा, मौशम का सौगात। गाँव – शहर सब भर गये, नदियाँ करे उफान त्राहि – त्राहि …

ll भगवान शिव स्तुति ll

जय शिव शंकर अवढ़र दानी, तुम्हरी महिमा सब ने मानी । सब भूतों में वास तुम्हारा, वेदों ने है कीर्ति बखानी ॥ 1 ॥ आदि अन्त रहित तुम व्याप्त …

उलझा हुआ वो भी – अनु महेश्वरि

पुरुष शक्तिशाली या नारी, कोन किसपे परे है भारी, ये बहस तो चलती आयी है, सदियों तक चलती भी रहेगी। मेरा अनुभव तो कहता है, पुरुष भी मन से …

हम तुम्हे भुला न पाए …… (ग़ज़ल ) { अमर गायक स्व.मुहम्मद रफ़ी साहब की याद में }

कितने ही ज़माने गुज़र गए , मगर हम तुम्हें ना भुला पाए. तेरी तस्वीर पर सजदा किया, तेरी याद में दो अश्क बहाए. तेरे गीतों को जब सूना तो, …

तेरा सहारा मिला – अनु महेश्वरी

मुझे जीने की कोई चाहत न होती, अगर तुम्हे भी मुझसे उल्फत न होती। मिले गर हमेशा वफ़ा में वफ़ा ही किसी ज़िन्दगी में क़यामत न होती। देखा पास …

गुरु छवि ऐसी प्यारी मनवा…सी.एम्.शर्मा (बब्बू)….

गुरु छवि ऐसी प्यारी मनवा…. गुरु छवि ऐसी प्यारी….. भोर मेरे जीवन की गुरु से…. निंदिया भी आये प्यारी…मनवा…. गुरु छवि ऐसी प्यारी… राह न भटकूं जीवन में कभी…. …

भूले गुरु जी चेतना – बिन्देश्वर प्रसाद शर्मा – बिन्दु

भूल रही क्यों कलियुग में नारी अपनी शर्म क्यों भूला संस्कार पुरुष क्यों भूला है धर्म। भूले गुरु जी चेतना महत्ता अपनी सत्य कर्म इंसान की भी अब इंसानियत …

मौत एक बहाना है – बिन्देश्वर प्रसाद शर्मा – बिन्दु

मौत तो एक बहाना है सबको एक दिन आना है। नहीं कुछ किसी का भैया माटी में मिल जाना है। फिर क्यों है तेरी – मेरी काहे ताना – …

इश्क कोई तिजारत नही है – अनु महेश्वरी

जब मिलन की इजाजत नहीं है, प्यार में फिर सदाकत नहीं है। शर्त कोई कभी हो न इसमें, इश्क कोई तिजारत नही है। आज तुम भूल बैठे हमें क्यों, …