Category: सूरदास

मैया मोहि दाऊ बहुत खिझायौ।

मैया मोहि दाऊ बहुत खिझायौ। मोसौं कहत मोल कौ लीन्हौ, तू जसुमति कब जायौ? कहा करौं इहि के मारें खेलन हौं नहि जात। पुनि-पुनि कहत कौन है माता, को …

मैया! मैं नहिं माखन खायो।

मैया! मैं नहिं माखन खायो। ख्याल परै ये सखा सबै मिलि मेरैं मुख लपटायो॥ देखि तुही छींके पर भाजन ऊंचे धरि लटकायो। हौं जु कहत नान्हें कर अपने मैं …