Category: तुलसी रमण

घर

खा रहा रोटी गा रहा जाड़े की लम्बी रातों बाबा से सुना गीत कर रहा शौच पत्थरों से खेलता मिट्टी पर खींचता रेखाचित्र अब वह जाने लगा स्कूल देख …