Category: सुधा गुप्ता

कामनाओं के धागे ( सेदोका)

डॉ सुधा गुप्ता   1 बूढ़ा पीपल कामनाओं के धागों बँधा-जकड़ा खड़ा मन्नतों -लदा याचना-भार -दबा रात-दिन जागता ।  2 चकोर-मन चाँद को चाहकर सदा ही छला गया प्रेम-अगन …

एक कविता

  मैंने लिखी थी एक कविता ‘खुशी’ तुम्हें दिखाई तुमने सरसरी निगाह डाली उचाट नज़र से यूँ–ही सा देखा तोड़–मसल कर डस्ट–बिन में उछाल कर फेंका ‘खुशी’ मरी थी …

कठपुतली

कठपुतली   बाज़ार में सजी थी ख़ुश, प्रस्तुत कि कोई ख़रीदार आए, ले जाए उसके तन–बँधे डोरे झटके हँसा, रुला उसको रिझा, नचाए मन मज़‍र्ी चलाए ले गया कोई …

पावस बहुरंगी

पहली वर्षा बूँदों की चित्रकारी धूलि के रंग छिप कर बैठी है नीली चिड़िया फूलों के झुरमुट ताल पै फैले घने जल-कुंतल तैरती मीन सखियाँ लिये साथ घास चुप …

परिचय

सुधा गुप्ता जन्म: 18 मई 1934 शिक्षा- एम ए पी-एच0 डी0 , डी-लिट्0 कुछ प्रमुख कृतियाँ        14 संकलन (हाइकु, ताँका और चोका) प्रकाशित: 1. खुशबू का सफ़र 2. लकड़ी …