Category: सोनिका मिश्रा

सच

कोई जीतने की चाहत रखता है, कोई प्यार की इबादत करता है | बड़ा कमज़ोर है आदमी, सोचता है पाने को मंज़िल, पर हाँथ खाली रखता है || ज़िंदगी …

shayri

मैं जो हूँ वो, कोई जानता नहीं है | शायद कोई यहाँ मुझे,पहचानता नहीं है || खोये है भीड़ में हम, यहाँ कोई सहारा नहीं है | मेरे आंसू …