Category: शालिनी सिंह बघेल

अतुल्य भारत को तुल्य रहने दो

इंसानियत इन्सान से दूर क्यों होती है, सबको सुख देने वाली माँ ही क्यों रोती है, कहाँ गये वो झलावे कल के, जब लोग कहा करते थे की सीपी …

माँ तेरा यूँ पलट के आना अच्छा लगता है

माँ तेरा यूँ पलट के आना अच्छा लगता है , डाटने के बाद यूँ हस के मनाना अच्छा लगता है, आज इतनी दूर हो गयी हूँ तुमसे की, तेरा …

बहन के दिल की आवाज़

ख़ुदा का सबसे अनमोल तोहफ़ा बेटी है, जिसकी ज़िन्दगी अभी तक रोते हुए बीती है, हसना जिसकी क़िस्मत में नहीं, रोना ही जिसकी फिदरत बनी।। भाईयों की तकरार में …

काश ये दुनिया पहले ही ख़त्म हो जाती

काश ये दुनिया पहले ही ख़त्म हो जाती, कम से कम ये दरिंदगी तो नहीं आती, और वो बेक़सूर दामिनी बिना वजह , कभी बेमौत यूँ मारी तो नहीं जाती।। दामिनी …

ज़िन्दगी का हर सफ़र कुछ अजीब सा लगा

ज़िन्दगी का सफ़र कुछ अजीब सा लगा, जो अपना मिला वो कुछ करीब सा लगा, हमने तो अपनी खुशियाँ सबपे लुटा दीं , और दुसरों से उम्मीद की तो …

ज़िन्दगी का दूसरा नाम है बहता हुआ पानी

यहाँ एक छोटी सी कहानी लिखी है मैंने, इस कविता में अपनी जिंदगानी लिखी है मैंने, हर ख़ुशी कैसे दूर हुई मुघसे, सब खुद की ज़ुबानी लिखी है मैंने।। …

हर रंग में हमेशा एक रंग तुम्हारा होगा

अन्जानी राहों में अन्जाने गम हैं, सबके होते हुए भी तनहा हम हैं, तुम नहीं तो आज हर ख़ुशी भी अधूरी है, क्योंकि आज मेरी ज़िन्दगी में एक शख्स कम …

रंगों भरी दुनिया के रंग ही खो गये

ज़िन्दगी हर लम्हा हमें ख़ुशी नहीं देती, हर चमकती हुई चीज रोशनी नहीं देती, रब से तो हमने भी बहुत कुछ माँगा , पर किस्मत ना हो, तो ये …

ये आँखें जल्दी बंद हो जाती हैं

आसमां को छुने की सबकी तकदीर नहीं होती, हर हसीन चेहरे की तस्वीर नहीं होती, साथ देने के लिए सब कहते हैं पर , मुश्किल पड़े तो ये ज़मीर …

हर ख़ामोश निगाहों में एक सवाल होता है

हर खामोश निगाहों में एक सवाल होता है, हर लम्हों में बस तेरा ख़याल होता है, कई बार पूछा नियति से तुम्हारे बारे में, और उसका हर बार एक ही …

आज ज़िन्दगी कुछ अधुरी सी लगी

आज ज़िन्दगी कुछ अधुरी सी लगी, एक कदम चलना भी मज़बूरी सी लगी, मेरी बेबसी कुछ यूँ मुघपे छाई, की हर मिली ख़ुशी अधूरी सी लगी।। हर भरी महफिल …

मेरी पहली मुलाकात मौत से

मैं उस रास्ते से आहिस्ता आ रही थी, सामने मौत आगे चलती जा रही थी, मैंने पूछा तू इधर कहा, कहा किसी की आखिरी विदाई कराने आई थी।। मैंने पूछा तू लेके सबको जाती कैसे …

फलक तक तनहा जाना ही है

है ज़िन्दगी हसीन मगर इसमें एक कमी सी है, खुश भी हूँ काफी बस आँखों में नमी सी है, सोचा दूर रखूँ खुद को तुम्हारी यादों से पर, नामुमकिन था …

धरती से फलक को मिलाती हो

आज मैंने ज़िन्दगी को इस पन्ने पे उतारा है, वो सारी चीजें जिससे मैंने इसे संवारा है, बहुत सी चीजें पायीं और बहुत सी खोयीं भी, कुछ के लिए …

ज़िन्दगी में कुछ ऐसा कर दिखाना है

ज़िन्दगी हर कदम पे कुछ नया दिखाती है, कभी  साथ तो कभी तनहा रहना सिखाती है, इस के हर पहलू को हो सके दो दिल से जीना , जिसकी हम कदर …

मेरे वो दिन लौटा दे

भगवान मुझे इतनी दुआ दे, मेरे वो पुराने दिन लौटा दे, बागों में घूमा करती थी मैं, सखियों संग झूमा करती थी मैं।। ज़िन्दगी में कोई गम न थे, पास …

आज फिर तुम्हारी याद आ गयी

तेरी राह तकते तकते अखियाँ  तरस गयीं, थोड़ी देर रुकीं और फिर बरस गयीं, इन तरसीं अंखियों की खातीर तुम आना जरुर, अपना किया हुआ वादा तुम निभाना  जरुर।। …

तब जनम लेती हैं ये बेटियाँ

तुम दुखी हो, तो दुखी होती है ये बेटियाँ, तुम्हारी हर तकलीफ देखके रोती  है ये बेटियाँ, उनकी आँखों में कभी आँसू मत आने देना, बहुत सेहेनशील होती है ये बेटियाँ।। …