Category: शकुंतला तरार

मुक्तक -“क्या कहूँ”

“क्या कहूँ” तुम्हें घटा कहूँ तो आसमां पिघल जाये , तुम्हें हवा कहूँ तो बागबां मचल जाये , मैं किसी भी नाम से तुमको पुकारूँ जानम, जो कोई और …