Category: राखी रानी

करुण पुकार

-:करुण पुकार:- हे हंसवाहिनी ! वीणापाणि ! तम को वेध प्रकाश भरो। अहंकार के वशीभूत , मानव का उद्धार करो। दिग्भ्रमित हुए हैं धरा-पुत्र, कैसे अभिमान करेंगे। रणक्षेत्र बना …